'ऊर्जा युद्ध' पर ब्रेक? ट्रंप की अपील पर इजरायल ने रोके ईरान के गैस क्षेत्रों पर हमले; नेतन्याहू का दावा—'ईरान की मिसाइल शक्ति खत्म'
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'ऊर्जा युद्ध' पर ब्रेक? ट्रंप की अपील पर इजरायल ने रोके ईरान के गैस क्षेत्रों पर हमले; नेतन्याहू का दावा—'ईरान की मिसाइल शक्ति खत्म'

12, 2, 2026

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यरुशलम/वॉशिंगटन: मध्य-पूर्व के युद्ध ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे हस्तक्षेप और अनुरोध के बाद इजरायल अब ईरान के विशाल 'साउथ पार्स' (South Pars) गैस फील्ड पर और हमले नहीं करेगा। यह फैसला तब आया है जब ईरान की जवाबी कार्रवाई ने खाड़ी देशों के तेल और गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में आग लगा दी है।

खबर का विस्तृत विश्लेषण:

  • नेतन्याहू का बड़ा दावा: प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछले 20 दिनों के भीषण हवाई हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता को 'पूरी तरह' नष्ट कर दिया है। उनके अनुसार, ईरान अब इजरायल के लिए उस स्तर का खतरा नहीं रहा, जो युद्ध की शुरुआत में था।

  • ट्रंप की 'चेतावनी और वादा': राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाँ एक तरफ इजरायल को संयम बरतने को कहा है, वहीं ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ किया कि यदि ईरान ने कतर (जो साउथ पार्स फील्ड का साझीदार है) पर दोबारा हमला किया, तो अमेरिका उस पूरे क्षेत्र को 'नेस्तनाबूद' कर देगा। यह बयान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की अमेरिकी प्राथमिकता को दर्शाता है।

  • आर्थिक सुनामी और 'होर्मुज' का संकट: ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा किए गए अवरोधों और खाड़ी के तेल केंद्रों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $119 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। इजरायल का हमलों को रोकना इसी आर्थिक अस्थिरता को थामने की एक कोशिश मानी जा रही है।

  • क्षेत्रीय तनाव: युद्ध की शुरुआत (28 फरवरी, 2026) के बाद से ईरान ने अपने कई शीर्ष नेताओं (जैसे खुफिया मंत्री और सुरक्षा प्रमुखों) को खोया है। अब मुजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान 'अस्तित्व की लड़ाई' लड़ रहा है, जिसमें वह पड़ोसी अरब देशों को निशाना बनाकर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।

निष्कर्ष:

डोनाल्ड ट्रंप का यह हस्तक्षेप दर्शाता है कि अमेरिका अब इस युद्ध को और अधिक फैलने से रोकना चाहता है, खासकर तब जब इसका असर अमेरिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा पड़ रहा है। हालांकि, क्या ईरान इस 'अनौपचारिक युद्धविराम' का पालन करेगा, यह आने वाले कुछ घंटे तय करेंगे।

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