मिशन शांति: पीएम मोदी की 'फोन कूटनीति' से दुनिया को संदेश—'युद्ध नहीं, संवाद ही रास्ता'; फ्रांस, मलेशिया और ओमान के साथ बड़ी चर्चा
आज की ताजा खबर
LIVE

मिशन शांति: पीएम मोदी की 'फोन कूटनीति' से दुनिया को संदेश—'युद्ध नहीं, संवाद ही रास्ता'; फ्रांस, मलेशिया और ओमान के साथ बड़ी चर्चा

12, 2, 2026

3

image

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मोर्चे पर कमान संभाल ली है। पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, मलेशिया के पीएम अनवर इब्राहिम और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। इस कूटनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य युद्ध प्रभावित क्षेत्र में 'डी-एस्केलेशन' (तनाव कम करना) और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना है।

प्रमुख कूटनीतिक स्तंभ और विश्लेषण:

  • 'संवाद और कूटनीति' (Dialogue & Diplomacy) का मंत्र: पीएम मोदी ने दोहराया कि आज का युग युद्ध का नहीं है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बातचीत में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल कूटनीतिक रास्ते से ही मध्य-पूर्व में स्थिरता वापस आ सकती है। दोनों देश इस संकट को रोकने के लिए 'घनिष्ठ समन्वय' (Close Coordination) बनाए रखेंगे।

  • ओमान की संप्रभुता का समर्थन: एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के तहत, पीएम मोदी ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। यह बयान उन हालिया घटनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण है जहाँ खाड़ी देशों की सीमाओं के पास सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने भारतीय नागरिकों के सुरक्षित रेस्क्यू में ओमान की मदद के लिए आभार भी जताया।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा: भारत और ओमान इस बात पर सहमत हुए कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला व्यापार निर्बाध रहना चाहिए। चूंकि दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए इसकी सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा के समान है।

  • सांस्कृतिक जुड़ाव (ईद की बधाई): कूटनीति के साथ-साथ पीएम मोदी ने 'सॉफ्ट पावर' का इस्तेमाल करते हुए मलेशिया और ओमान के नेताओं को आगामी 'ईद-उल-फितर' की शुभकामनाएं दीं, जो भारत के इन मुस्लिम बहुल देशों के साथ गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाता है।

रणनीतिक मायने:

भारत का यह कदम स्पष्ट करता है कि वह मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष में एक संतुलित भूमिका निभा रहा है। जहाँ वह इजराइल के साथ रणनीतिक संबंध रखता है, वहीं ओमान और मलेशिया जैसे देशों के साथ मिलकर मानवीय आधार और क्षेत्रीय अखंडता की भी वकालत कर रहा है।

Powered by Froala Editor