खेतों पर 'युद्ध' का साया: कीटनाशकों की लागत 25% बढ़ने की आशंका; कच्चा माल ठप होने से भारतीय कृषि संकट में
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खेतों पर 'युद्ध' का साया: कीटनाशकों की लागत 25% बढ़ने की आशंका; कच्चा माल ठप होने से भारतीय कृषि संकट में

12, 2, 2026

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष ने भारत के फसल सुरक्षा उद्योग (Crop Protection Industry) की कमर तोड़ दी है। उद्योग संगठन 'क्रॉपलाइफ इंडिया' के अनुसार, लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे कीटनाशकों और उर्वरकों की उत्पादन लागत में 20 से 25 प्रतिशत का भारी उछाल आ सकता है। यह स्थिति न केवल किसानों की जेब पर भारी पड़ेगी, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा (Food Security) के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है।

संकट के प्रमुख बिंदु और प्रभाव:

  • सप्लाई चेन का टूटना: भारत अपनी जरूरत के कई महत्वपूर्ण रसायनों और कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर है। समुद्री मार्गों में बाधा और जहाजों के मार्ग बदलने (Re-routing) से माल भाड़े (Freight) में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे 'जस्ट-इन-टाइम' डिलीवरी मॉडल पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।

  • नकली उत्पादों की बाढ़: असली उत्पादों की कमी और बढ़ती कीमतों का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व बाजार में नकली और घटिया कीटनाशक उतार रहे हैं। इससे न केवल किसानों का पैसा बर्बाद होगा, बल्कि फसलों के खराब होने और मिट्टी की उर्वरता नष्ट होने का भी गंभीर खतरा है।

  • MSME और रोजगार पर वार: छोटे और मध्यम स्तर के कृषि-रसायन उद्योग कच्चे माल की कमी के कारण अपनी क्षमता से कम पर काम कर रहे हैं। यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो इन इकाइयों में छंटनी और तालाबंदी की नौबत आ सकती है।

  • एलपीजी और ऊर्जा संकट: सरकार द्वारा एस्मा (ESMA) लागू कर घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता देने से औद्योगिक इकाइयों को ऊर्जा की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कृषि रसायनों के निर्माण में गैस और बिजली की निरंतर आपूर्ति अनिवार्य होती है, जो अब दांव पर है।

सरकार से उद्योग की मांग:

क्रॉपलाइफ इंडिया और अन्य हितधारकों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि घरेलू उत्पादन को 'मेक इन इंडिया' के तहत आपातकालीन प्रोत्साहन दिया जाए। साथ ही, बंदरगाहों पर अटके हुए कृषि-इनपुट के शिपमेंट्स को प्राथमिकता के आधार पर क्लीयरेंस देने की मांग की गई है ताकि आगामी बुवाई सीजन प्रभावित न हो।

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