संदेशखालि की 'आवाज' रेखा पात्रा अब चुनावी मैदान में: भाजपा ने हिंगलगंज से बनाया उम्मीदवार; शेख शाहजहां की जमानत खारिज होने से बढ़ा सियासी पारा
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संदेशखालि की 'आवाज' रेखा पात्रा अब चुनावी मैदान में: भाजपा ने हिंगलगंज से बनाया उम्मीदवार; शेख शाहजहां की जमानत खारिज होने से बढ़ा सियासी पारा

12, 2, 2026

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कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी 113 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे चर्चित नाम रेखा पात्रा का है, जिन्हें सुंदरबन डेल्टा की हिंगलगंज (सुरक्षित) सीट से मैदान में उतारा गया है। रेखा पात्रा वही चेहरा हैं जिन्होंने संदेशखालि में महिलाओं के खिलाफ हुए कथित अत्याचारों और शेख शाहजहां के आतंक के विरुद्ध सबसे पहले आवाज उठाई थी।

प्रमुख बिंदु और चुनावी समीकरण:

  • प्रतिरोध का चेहरा: रेखा पात्रा एक साधारण गृहिणी हैं, जिन्हें भाजपा ने "संदेशखालि की गरिमा" के प्रतीक के रूप में पेश किया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद, पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है क्योंकि हिंगलगंज सीट संदेशखालि के बिल्कुल करीब है और वहाँ के स्थानीय मुद्दों का असर यहाँ साफ देखा जा सकता है।

  • शेख शाहजहां का साया: संयोगवश, जिस दिन रेखा पात्रा की उम्मीदवारी घोषित हुई, उसी दिन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शेख शाहजहां की जमानत याचिका खारिज कर दी। शाहजहां संदेशखालि कांड और ईडी अधिकारियों पर हमले का मुख्य आरोपी है। भाजपा इस कानूनी घटनाक्रम को अपनी नैतिक जीत के रूप में प्रचारित कर रही है।

  • सीधा मुकाबला: हिंगलगंज में रेखा पात्रा का मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आनंद सरकार से होगा। टीएमसी के लिए चुनौती यह होगी कि वह संदेशखालि की घटनाओं के बाद पैदा हुए महिला असंतोष को कैसे शांत करती है।

  • महिला सुरक्षा का मुद्दा: भाजपा के इस कदम का उद्देश्य राज्यभर की महिला मतदाताओं को यह संदेश देना है कि पार्टी जमीनी स्तर के संघर्ष करने वाले चेहरों को प्राथमिकता दे रही है।

चुनावी पृष्ठभूमि:

2024 के बशीरहाट लोकसभा चुनाव में रेखा पात्रा को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन विधानसभा चुनाव की प्रकृति अलग होती है। हिंगलगंज जैसी आरक्षित सीट पर स्थानीय समस्याओं और 'संदेशखालि आंदोलन' की गूँज रेखा पात्रा के पक्ष में माहौल बना सकती है।

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