मनरेगा बनाम वीबी-जी राम जी एक्ट: संयुक्त किसान मोर्चा ने हेमंत सोरेन सरकार को दी बधाई; चुनाव वाले राज्यों में 'बीजेपी हटाओ' का नारा
आज की ताजा खबर
LIVE

मनरेगा बनाम वीबी-जी राम जी एक्ट: संयुक्त किसान मोर्चा ने हेमंत सोरेन सरकार को दी बधाई; चुनाव वाले राज्यों में 'बीजेपी हटाओ' का नारा

12, 2, 2026

9

image

नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) के ढांचे को बचाए रखने के लिए पारित प्रस्ताव की सराहना की है। एसकेएम ने केंद्र सरकार के नए 'विकसित भारत-रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन' (VB-G RAMJI) अधिनियम को ग्रामीण गरीबों के बजाय 'कॉरपोरेट समर्थक' करार दिया है। इसके साथ ही, मोर्चा ने आगामी विधानसभा चुनावों वाले राज्यों में भाजपा के खिलाफ मतदान करने की खुली अपील जारी कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम और रणनीतिक विश्लेषण:

  • झारखंड का साहसी कदम: 18 मार्च को झारखंड विधानसभा ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से मनरेगा को ही जारी रखने का आग्रह किया। एसकेएम के अनुसार, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना के बाद अब झारखंड भी इस 'संघीय प्रतिरोध' (Federal Resistance) का हिस्सा बन गया है।

  • नया अधिनियम विवादों में: एसकेएम का आरोप है कि वीबी-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण भारत के पारंपरिक रोजगार ढांचे को खत्म कर कॉर्पोरेट हितों को साधने का प्रयास है। किसानों का तर्क है कि इससे मजदूरों के अधिकार सीमित होंगे और जवाबदेही कम हो जाएगी।

  • चुनावी शंखनाद: पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, एसकेएम ने श्रमिकों और किसानों से एकजुट होने को कहा है। उनका नारा है—"मजदूर विरोधी, किसान विरोधी भाजपा को दंडित करें।"

  • विपक्ष की गोलबंदी: एसकेएम ने अन्य गैर-राजग (Non-NDA) राज्य सरकारों से भी अपील की है कि वे अपनी विधानसभाओं में इसी तरह के प्रस्ताव पारित कर केंद्र पर दबाव बनाएं।

आगामी प्रभाव:

यदि संयुक्त किसान मोर्चा जमीनी स्तर पर अपनी इस अपील को वोटों में बदलने में सफल रहता है, तो यह पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। मनरेगा जैसा मुद्दा सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा है, जो चुनाव का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

Powered by Froala Editor