असम एनडीए में 'म्यूजिकल चेयर': टिकट के लिए भाजपा और अगप के बीच नेताओं का अदला-बदला; अभयपुरी और हाजो सीटों पर बढ़ा सस्पेंस
आज की ताजा खबर
LIVE

असम एनडीए में 'म्यूजिकल चेयर': टिकट के लिए भाजपा और अगप के बीच नेताओं का अदला-बदला; अभयपुरी और हाजो सीटों पर बढ़ा सस्पेंस

12, 2, 2026

6

image

गुवाहाटी: असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले एनडीए (NDA) के कुनबे में टिकट की होड़ मची है। सीट-बंटवारे के नए समीकरणों के कारण कई नेता अपनी मूल पार्टी छोड़कर गठबंधन के ही दूसरे सहयोगी दल में शामिल हो रहे हैं ताकि उनका नामांकन सुनिश्चित हो सके। इसे राजनीति में 'रणनीतिक दलबदल' के रूप में देखा जा रहा है।

प्रमुख 'पाला बदल' और उनके मायने:

  • भूपेन रॉय (AGP से BJP): सबसे चर्चित मामला भूपेन रॉय का है। अगप के पुराने नेता रॉय अब भाजपा में शामिल हो गए हैं और उन्हें अभयपुरी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। यह सीट समझौते के तहत भाजपा के खाते में आई है।

  • बोंगाईगांव का समीकरण: फणी भूषण चौधरी का गढ़ रही बोंगाईगांव सीट पर उनकी पत्नी दीप्तिमयी चौधरी (AGP) का कब्जा है। इस सीट को न छोड़ने के अगप के अडिग फैसले के बाद ही भाजपा ने अभयपुरी सीट अपने पास रखी, जिससे भूपेन रॉय के लिए भाजपा में जाना अनिवार्य हो गया।

  • बसंत दास और प्रकाश दास (BJP से AGP): भाजपा के इन दो नेताओं ने नाओबोइचा और हाजो-सुअलकुची सीटों के अगप के खाते में जाने के बाद क्षेत्रीय दल का दामन थाम लिया है। वे अब अगप के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

  • विपक्ष से भी आवक: कामतापुर परिषद के जिबेश रॉय और कांग्रेस के पूर्व नेता शहाबुद्दीन मजूमदार भी अगप में शामिल हुए हैं, जो गठबंधन की बढ़ती ताकत और 'टिकट की गारंटी' की तलाश को दर्शाता है।

NDA का अंतिम सीट बंटवारा (2026):

पार्टीकुल सीटेंस्थिति
भारतीय जनता पार्टी (BJP)8988 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी
असम गण परिषद (AGP)26उम्मीदवारों की घोषणा प्रक्रियाधीन
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF)11उम्मीदवारों की घोषणा जल्द संभावित

रणनीतिक विश्लेषण:

भाजपा और अगप के बीच यह "उम्मीदवारों का आदान-प्रदान" गठबंधन की मजबूती को दर्शाता है। इससे विद्रोह (Rebellion) की संभावना कम हो जाती है क्योंकि नेता गठबंधन से बाहर जाने के बजाय भीतर ही एडजस्ट हो रहे हैं। हालांकि, कार्यकर्ताओं के स्तर पर यह देखना दिलचस्प होगा कि वे कल तक के अपने 'प्रतिद्वंद्वी' नेता को आज 'सहयोगी' के रूप में कैसे स्वीकार करते हैं।

Powered by Froala Editor