सिक्किम की स्वर्ण जयंती पर 'सिनेमा' का शंखनाद: प्रथम अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आगाज; नेपाली फिल्म प्रमाणन बोर्ड की स्थापना का प्रस्ताव
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सिक्किम की स्वर्ण जयंती पर 'सिनेमा' का शंखनाद: प्रथम अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आगाज; नेपाली फिल्म प्रमाणन बोर्ड की स्थापना का प्रस्ताव

12, 2, 2026

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गंगटोक: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने राज्य के गठन के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रथम सिक्किम अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को युवाओं के लिए नए अवसरों का द्वार बताया है। मनन केंद्र में आयोजित इस भव्य समारोह का औपचारिक उद्घाटन राज्यपाल ओपी माथुर द्वारा किया गया। यह महोत्सव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) के साझा प्रयासों का परिणाम है।

महोत्सव की मुख्य विशेषताएं और घोषणाएं:

  • नेपाली फिल्म प्रमाणन बोर्ड: मुख्यमंत्री ने एक क्रांतिकारी प्रस्ताव पेश करते हुए सिक्किम में नेपाली फिल्म प्रमाणन बोर्ड की स्थापना की बात कही। इससे क्षेत्रीय फिल्म निर्माताओं को सेंसरशिप और साजो-सामान (Logistics) से जुड़ी तकनीकी बाधाओं से राहत मिलेगी और नेपाली सिनेमा को नई ऊंचाई मिलेगी।

  • युवाओं और रचनात्मकता पर जोर: तमांग ने सिनेमा को 'सीमाओं से परे' एक शक्तिशाली माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं के भीतर छिपी रचनात्मकता को बाहर लाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच प्रदान करना है।

  • फिल्म बाजार और कार्यशालाएं: इस महोत्सव में केवल फिल्में ही नहीं दिखाई जाएंगी, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा मास्टरक्लास और कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। 'फिल्म बाजार' के जरिए स्थानीय फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय वितरकों और निर्माताओं के साथ सहयोग करने का मौका मिलेगा।

  • लघु फिल्म प्रतियोगिता: स्थानीय और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष लघु फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, जो सिक्किम की अनूठी कहानियों को दुनिया के सामने लाएगी।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व:

सिक्किम के लिए यह महोत्सव दोहरी खुशी का मौका है। एक तरफ राज्य अपनी स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) मना रहा है, तो दूसरी तरफ पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मी आयोजन की मेजबानी कर रहा है। यह आयोजन राज्य की 'किस्सागोई' (Storytelling) परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का एक प्रयास है।


निष्कर्ष:

गंगटोक में शुरू हुआ यह महोत्सव न केवल हिमालयी क्षेत्र के फिल्म निर्माताओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि सिक्किम को 'फिल्म टूरिज्म' के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगा। नेपाली सिनेमा के लिए प्रमाणन बोर्ड का प्रस्ताव इस क्षेत्र के भाषाई गौरव को बढ़ाने वाला एक ठोस कदम है।

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