सावधान! एलपीजी किल्लत के बीच 'साइबर ठग' सक्रिय; राजस्थान पुलिस ने जारी किया सुरक्षा चक्र—जानें ठगी के 5 नए तरीके
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सावधान! एलपीजी किल्लत के बीच 'साइबर ठग' सक्रिय; राजस्थान पुलिस ने जारी किया सुरक्षा चक्र—जानें ठगी के 5 नए तरीके

12, 2, 2026

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जयपुर: राजस्थान में गैस सिलेंडरों की कथित कमी और आपूर्ति में देरी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि अपराधी उपभोक्ताओं पर 'मनोवैज्ञानिक दबाव' बनाकर उन्हें डिजिटल ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने विशेष रूप से 5 खतरनाक तरीकों की पहचान की है जिनसे आपको बचना चाहिए।

ठगों के 5 प्रमुख 'हथकंडे':

  1. फर्जी बुकिंग वेबसाइट: सब्सिडी या तत्काल डिलीवरी के नाम पर हूबहू असली जैसी दिखने वाली गैस एजेंसी की वेबसाइट बनाकर बैंक विवरण चोरी करना।

  2. KYC अपडेट का डर: "आपका कनेक्शन बंद हो जाएगा" कहकर डराना और फिर केवाईसी (KYC) के नाम पर ओटीपी (OTP) या यूपीआई पिन मांगना।

  3. रिमोट एक्सेस ऐप: सहायता के नाम पर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर आपके पूरे मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में लेना।

  4. फर्जी लिंक (SMS/WhatsApp): आकर्षक ऑफर या 'बुकिंग कंफर्मेशन' के नाम पर संदिग्ध लिंक भेजना, जिस पर क्लिक करते ही मालवेयर फोन में आ जाता है।

  5. QR कोड का खेल: भुगतान प्राप्त करने के बहाने आपसे QR कोड स्कैन करवाना, जिससे पैसे आने के बजाय आपके खाते से कट जाते हैं।

सुरक्षा के '5 चक्र' (पुलिस का परामर्श):

  • आधिकारिक मंच: केवल गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप (जैसे- IndianOil One, HP Pay) या मान्य वेबसाइट का ही उपयोग करें।

  • गोपनीयता: कोई भी गैस कंपनी या बैंक कभी भी फोन पर OTP, पिन या पासवर्ड नहीं मांगता।

  • जल्दबाजी न करें: ठग हमेशा आपको डराकर तुरंत निर्णय लेने को कहेंगे। ऐसे समय में शांत रहें और स्थानीय एजेंसी से संपर्क करें।

  • अनजान ऐप से तौबा: किसी के कहने पर कोई भी थर्ड-पार्टी शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें।

  • सत्यापन: किसी भी डिजिटल भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और विवरण दोबारा जांचें।


ठगी होने पर क्या करें?

यदि आप या आपका कोई परिचित ठगी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए निम्नलिखित कदम उठाएं:

  • हेल्पलाइन: तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें।

  • पोर्टल: www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

  • पुलिस: अपने नजदीकी थाने के साइबर डेस्क को सूचित करें।

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