देहरादून 'कट्टा हत्याकांड' का खुलासा: 5,000 परिवारों की खाक छानने के बाद पकड़ा गया कातिल पति; गला दबाकर की थी पहली पत्नी की हत्या
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देहरादून 'कट्टा हत्याकांड' का खुलासा: 5,000 परिवारों की खाक छानने के बाद पकड़ा गया कातिल पति; गला दबाकर की थी पहली पत्नी की हत्या

12, 2, 2026

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देहरादून: राजधानी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में 11 मार्च को जंगल में मिले महिला के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने खुलासा किया कि मृतका की पहचान बिहार निवासी रूपा के रूप में हुई है। हत्या का आरोपी उसका पहला पति रंजीत शर्मा है, जिसने अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहने में आ रही बाधा को दूर करने के लिए रूपा को रास्ते से हटा दिया।

जांच के प्रमुख पड़ाव और 'ऑपरेशन वेरिफिकेशन':

  • अज्ञात शव की चुनौती: 11 मार्च को बाला सुंदरी मंदिर के पास एक सफेद कट्टे में महिला का सड़ा-गला शव मिला था। पहचान मिटाने की कोशिश और कोई सुराग न होने के कारण यह मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था।

  • विशाल सत्यापन अभियान: एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने घटनास्थल के 6 किलोमीटर के दायरे में आने वाली 30 से अधिक मलिन बस्तियों में सघन तलाशी ली। इस दौरान 5,000 से अधिक परिवारों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिससे रंजीत शर्मा के घर से एक महिला के गायब होने की जानकारी मिली।

  • उलझा हुआ पारिवारिक रिश्ता: जांच में सामने आया कि रंजीत शर्मा की दो पत्नियां थीं। रूपा (पहली पत्नी) उसे छोड़कर चली गई थी, लेकिन फरवरी में वापस लौट आई और दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बनाने लगी। इसी त्रिकोणीय विवाद ने हत्या की पृष्ठभूमि तैयार की।

  • शातिर चाल: 8 मार्च को रंजीत ने रूपा को बिहार भेजने के बहाने मोटरसाइकिल ली और रास्ते में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। शव को कट्टे में भरकर जंगल में फेंक दिया और पड़ोसियों को बताया कि वह घर चली गई है।

पुलिस टीम को मिला इनाम:

इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने वाली टीम की सफलता पर गढ़वाल आईजी ने 5,000 रुपये और एसएसपी ने 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।


निष्कर्ष:

यह घटना आपसी रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और अपराध की पराकाष्ठा को दर्शाती है। देहरादून पुलिस द्वारा चलाए गए 'सत्यापन अभियान' ने न केवल इस केस को सुलझाया, बल्कि शहर की मलिन बस्तियों में रह रहे बाहरी लोगों का डेटाबेस अपडेट करने में भी मदद की है।

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