आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अनंत यार्डी का बड़ा तोहफा: AI अनुसंधान के लिए दिए 75 करोड़ रुपये; 'यार्डी स्कूल ऑफ एआई' को मिलेगा वैश्विक विस्तार
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आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अनंत यार्डी का बड़ा तोहफा: AI अनुसंधान के लिए दिए 75 करोड़ रुपये; 'यार्डी स्कूल ऑफ एआई' को मिलेगा वैश्विक विस्तार

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: 'यार्डी सिस्टम्स' के संस्थापक और बोर्ड चेयरमैन अनंत यार्डी (79) ने अपने पुराने संस्थान आईआईटी दिल्ली को 75 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि दान की है। 1968 बैच के पूर्व छात्र रहे यार्डी का यह योगदान भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के क्षेत्र में उच्च स्तरीय अनुसंधान को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

योगदान का उपयोग और रणनीतिक महत्व:

  • यार्डी स्कूल ऑफ एआई (ScAI): दान का एक बड़ा हिस्सा सितंबर 2020 में स्थापित 'यार्डी स्कूल ऑफ एआई' को समर्पित किया गया है। इसका उद्देश्य अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं की स्थापना करना और दुनिया भर से शीर्ष प्रतिभाओं (शोधकर्ताओं) को आकर्षित करना है।

  • अवसंरचना नवीनीकरण (Infrastructure): राशि का कुछ हिस्सा संस्थान के 'परिसर नवीनीकरण और विस्तार कार्यक्रम' में लगाया जाएगा। इसमें पुराने हॉस्टलों और प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण शामिल है ताकि छात्रों को वैश्विक स्तर का शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

  • भविष्य की तैयारी: यह निवेश न केवल मौजूदा शोध को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, कृषि और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोग (Applications) विकसित करने में मदद करेगा।

अनंत यार्डी: एक सफल उद्यमी की कृतज्ञता

अनंत यार्डी ने इस मौके पर भावुक होते हुए कहा कि आईआईटी दिल्ली ने उन्हें शिक्षा की जो मजबूत नींव दी, उसी की बदौलत वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सके और सफल हुए। यार्डी सिस्टम्स आज वैश्विक स्तर पर रियल एस्टेट सॉफ्टवेयर समाधानों में एक बड़ा नाम है।


निष्कर्ष:

भारतीय संस्थानों में 'पूर्व छात्र दान' (Alumni Giving) की बढ़ती संस्कृति देश के शैक्षणिक ढांचे को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। अनंत यार्डी का यह कदम अन्य सफल पूर्व छात्रों को भी अपनी जड़ों से जुड़ने और समाज को वापस देने के लिए प्रेरित करेगा।

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