लखीमपुर खीरी में बाघ का आतंक: गन्ने के खेत में काम कर रहे 28 वर्षीय युवक पर हमला, मौत; ग्रामीणों में भारी दहशत
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लखीमपुर खीरी में बाघ का आतंक: गन्ने के खेत में काम कर रहे 28 वर्षीय युवक पर हमला, मौत; ग्रामीणों में भारी दहशत

12, 2, 2026

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लखीमपुर खीरी (यूपी): हैदराबाद थाना क्षेत्र के नंदलालपुरवा गांव में सोमवार शाम को उस समय मातम पसर गया जब खेत में काम कर रहे मनोज कुमार (28) पर बाघ ने जानलेवा हमला कर दिया। दक्षिण खीरी के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) तापस मिहिर ने घटना की पुष्टि करते हुए क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया है।

घटना का विवरण:

  • हमला: मनोज कुमार शाम के समय अपने गन्ने के खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत में छिपे बाघ ने अचानक उन पर पीछे से हमला कर दिया।

  • इलाज के दौरान मौत: आसपास के ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ गन्ने के घने झुरमुटों में भाग गया। घायल मनोज को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

  • गन्ने के खेत और बाघ: तराई इलाकों में गन्ने के खेत बाघों के लिए 'सेफ हेवन' (सुरक्षित ठिकाना) बन जाते हैं, क्योंकि ये उन्हें जंगल जैसा घना आवरण प्रदान करते हैं, जिससे अचानक हमले का खतरा बढ़ जाता है।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई:

  1. निगरानी: बाघ की पहचान और उसकी गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं।

  2. पिंजरा: डीएफओ ने बाघ को पकड़ने के लिए संबंधित क्षेत्र में पिंजरा लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

  3. ग्रामीणों को सलाह: वन विभाग ने नंदलालपुरवा और आसपास के गांवों के लोगों को अकेले खेतों में न जाने और समूहों में रहकर शोर मचाते हुए चलने की सख्त हिदायत दी है।


निष्कर्ष:

लखीमपुर खीरी में गन्ने के खेतों में बाघों की आमद एक पुरानी समस्या है। फसल कटाई के सीजन में यह खतरा और बढ़ जाता है। वन विभाग के लिए चुनौती यह है कि वह बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में वापस छोड़े ताकि और अधिक जनहानि को रोका जा सके।

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