गुजरात में 'एक देश, एक विधान' की ओर कदम: UCC समिति ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपी अंतिम रिपोर्ट
आज की ताजा खबर
LIVE

गुजरात में 'एक देश, एक विधान' की ओर कदम: UCC समिति ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपी अंतिम रिपोर्ट

12, 2, 2026

14

image

गांधीनगर: गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में मंगलवार को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया गया। सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंप दी है। रिपोर्ट के तीन खंडों में राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान सामाजिक कानूनों का खाका तैयार किया गया है।

UCC मसौदे की मुख्य विशेषताएं:

  • समान कानूनी ढांचा: रिपोर्ट में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार (संपत्ति का अधिकार) और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक ही कानून की सिफारिश की गई है।

  • महिला सशक्तिकरण पर जोर: मसौदे में विशेष रूप से महिलाओं के समान अधिकारों और उनके कानूनी संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है, ताकि पैतृक संपत्ति और विवाह जैसे मामलों में उनके साथ भेदभाव न हो।

  • सांस्कृतिक विविधता का सम्मान: समिति ने स्पष्ट किया है कि कानून का मसौदा तैयार करते समय गुजरात की भौगोलिक विशिष्टताओं और विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक विविधता का पूरा ध्यान रखा गया है।

समिति के प्रमुख सदस्य:

इस उच्च स्तरीय समिति में न्यायमूर्ति देसाई के साथ सेवानिवृत्त IAS अधिकारी सीएल मीणा, वरिष्ठ अधिवक्ता आरसी कोडेकर, डॉ. दक्षेश ठाकर और सामाजिक कार्यकर्ता गीता श्रॉफ शामिल थे। समिति ने राज्य भर में विभिन्न हितधारकों से सुझाव लेने के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है।

"यह रिपोर्ट गुजरात के नागरिकों के लिए सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम इसका विस्तृत अध्ययन कर आगे की विधायी कार्रवाई करेंगे।" — भूपेंद्र पटेल, मुख्यमंत्री, गुजरात

Powered by Froala Editor