देशभर में खुलेंगे 10 नए 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान': आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में किया रोडमैप का खुलासा
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देशभर में खुलेंगे 10 नए 'अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान': आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में किया रोडमैप का खुलासा

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के समकक्ष लाने और इसके बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। राज्यसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने जानकारी दी कि अगले पांच वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में 10 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित किए जाएंगे।

प्रमुख घोषणाएं और बजट आवंटन:

  • चरणबद्ध विस्तार: वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही तीन संस्थानों की स्थापना की घोषणा की जा चुकी है। शेष सात संस्थानों की घोषणा आगामी चरणों में की जाएगी।

  • चयन का आधार: आयुष मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन संस्थानों के स्थानों का चयन किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि "आवश्यकता और योग्यता" (Need and Merit) के आधार पर किया जाएगा।

  • केरल की विशेष चर्चा: माकपा सांसद जॉन ब्रिटास के सवाल पर मंत्री ने स्वीकार किया कि केरल में आयुर्वेद का काम विश्वस्तरीय है और वहां बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक उपचार के लिए आते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि चयन प्रक्रिया के दौरान केरल जैसे राज्यों की विशेषज्ञता पर ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री का विजन:

प्रतापराव जाधव ने सदन को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं आयुष पद्धतियों के प्रचार-प्रसार में गहरी रुचि रखते हैं। इन संस्थानों का उद्देश्य आयुर्वेद को केवल एक वैकल्पिक चिकित्सा नहीं, बल्कि साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) मुख्यधारा की चिकित्सा पद्धति बनाना है।

"प्रधानमंत्री का लक्ष्य आयुर्वेद को घर-घर पहुँचाना है। आने वाले 5 वर्षों में 10 संस्थान इस प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़कर देश की सेवा करेंगे।" — प्रतापराव जाधव, आयुष मंत्री

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