तमिलनाडु में सियासी घमासान: 'द्रमुक शासन में मादक पदार्थों का केंद्र बना राज्य', अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी का तीखा हमला
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तमिलनाडु में सियासी घमासान: 'द्रमुक शासन में मादक पदार्थों का केंद्र बना राज्य', अन्नाद्रमुक प्रमुख पलानीस्वामी का तीखा हमला

12, 2, 2026

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चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में कानून-व्यवस्था और नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। अन्नाद्रमुक (AIADMK) प्रमुख ई.के. पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक (DMK) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वर्तमान शासन ने तमिलनाडु को 'नशा माफिया का गढ़' बना दिया है।

आरोपों की मुख्य कड़ियाँ:

  • नशे का जाल: पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर आरोप लगाया कि 2021 से राज्य में गांजा तस्करी और अवैध शराब की बिक्री बेकाबू हो गई है। उन्होंने चिंता जताई कि अब स्कूल और कॉलेज के छात्र भी आसानी से उपलब्ध नशीले पदार्थों की चपेट में आ रहे हैं।

  • हिरासत में मौतें: अन्नाद्रमुक महासचिव ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में लगभग 30 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हुई है, जो गिरती कानून-व्यवस्था का प्रमाण है।

  • जनता की सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार जनता की रक्षा कर रही है या अपराधियों को संरक्षण दे रही है। पलानीस्वामी ने जनता से इस 'जनविरोधी शासन' को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

सरकार का पक्ष:

दूसरी ओर, द्रमुक सरकार और प्रशासन इन आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं। हाल ही में राज्य के शीर्ष अधिकारियों ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया था कि तमिलनाडु में अपराध दर में निरंतर गिरावट आई है और पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है।

"राज्य में ऐसी कोई जगह नहीं बची जहाँ गांजा न मिल रहा हो। द्रमुक शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।" — ई.के. पलानीस्वामी, प्रमुख, अन्नाद्रमुक

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