राजस्थान में पशुधन सुरक्षा का महाअभियान: 2 करोड़ से अधिक मवेशियों को लगेगा 'खुरपका-मुंहपका' का टीका, 2030 तक रोग मुक्त होगा राज्य
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राजस्थान में पशुधन सुरक्षा का महाअभियान: 2 करोड़ से अधिक मवेशियों को लगेगा 'खुरपका-मुंहपका' का टीका, 2030 तक रोग मुक्त होगा राज्य

12, 2, 2026

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जयपुर: राजस्थान सरकार ने राज्य के करोड़ों गोवंश और भैंस वंशीय पशुओं को गंभीर संक्रामक रोगों से बचाने के लिए एक व्यापक टीकाकरण अभियान का शंखनाद किया है। पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने सोमवार को बगरू की रामदेव गौशाला से 'खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण कार्यक्रम' के सातवें चरण की विधिवत शुरुआत की।

अभियान के मुख्य लक्ष्य और रणनीतियां:

  • विशाल लक्ष्य: इस चरण के तहत पूरे राजस्थान में कुल 2 करोड़ 32 लाख गोवंश और भैंसों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।

  • मिशन 2030: सरकार का विजन है कि वर्ष 2030 तक राजस्थान को पूरी तरह से 'खुरपका-मुंहपका' (FMD) रोग से मुक्त कर दिया जाए।

  • द्वार-द्वार टीकाकरण: पशुपालन विभाग की विशेष टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। इसके लिए शिविर लगाए जाएंगे और टीकाकरण के बाद मवेशियों की सतत निगरानी भी की जाएगी।

पशुपालकों की आय और स्वास्थ्य पर असर:

निदेशक डॉ. सुरेश मीना के अनुसार, एफएमडी एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं की दूध देने की क्षमता घट जाती है और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

  • टीकाकरण से लाभ: नियमित टीकाकरण न केवल पशुओं की जान बचाएगा, बल्कि उनकी उत्पादकता बढ़ाकर पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार करेगा।

  • मंत्री की अपील: पशुपालन मंत्री ने सभी पशुपालकों से आग्रह किया है कि वे अपने मवेशियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं ताकि भविष्य में किसी भी महामारी की स्थिति से बचा जा सके।

"स्वस्थ पशुधन ही समृद्ध राजस्थान की पहचान है। हमारा लक्ष्य है कि टीकाकरण के इस काम को समयबद्ध तरीके से पूरा कर हर पशु को सुरक्षा कवच प्रदान किया जाए।" — जोराराम कुमावत, पशुपालन मंत्री, राजस्थान

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