लोकतंत्र के पहरेदार: 5 राज्यों के चुनाव के लिए 1,111 पर्यवेक्षक तैनात, निर्वाचन आयोग ने दिए गुरुवार तक रिपोर्ट करने के आदेश

लोकतंत्र के पहरेदार: 5 राज्यों के चुनाव के लिए 1,111 पर्यवेक्षक तैनात, निर्वाचन आयोग ने दिए गुरुवार तक रिपोर्ट करने के आदेश

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों तथा विभिन्न राज्यों के उपचुनावों के लिए एक बड़ी घेराबंदी तैयार की है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने कुल 1,111 पर्यवेक्षकों (Observers) की प्रतिनियुक्ति की है।

पर्यवेक्षकों की भूमिका: 'आयोग की आंख और कान'

  • त्वरित तैनाती: आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी 1,111 पर्यवेक्षक बृहस्पतिवार तक अपने-अपने आवंटित विधानसभा क्षेत्रों में कार्यभार संभाल लें।

  • सीधा संपर्क: ये पर्यवेक्षक अपने मोबाइल नंबर और संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे, ताकि उम्मीदवार और आम जनता सीधे उनसे संपर्क कर सके।

  • जनता की सुनवाई: चुनाव संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक पर्यवेक्षक को प्रतिदिन एक निश्चित समय (Public Hours) निर्धारित करना होगा, जिसमें वे राजनीतिक दलों और नागरिकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे।

किन राज्यों में है चुनावी सरगर्मी?

अप्रैल 2026 में होने वाले इन चुनावों पर पूरे देश की नजर है:

  1. पश्चिम बंगाल

  2. तमिलनाडु

  3. केरल

  4. असम

  5. पुडुचेरी (इसके अलावा कई राज्यों में खाली सीटों पर विधानसभा उपचुनाव भी आयोजित किए जा रहे हैं।)

पर्यवेक्षकों के प्रकार:

चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों को संभालने के लिए तीन तरह के विशेषज्ञ तैनात किए जाते हैं:

  • सामान्य पर्यवेक्षक (General Observers): कानून-व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए।

  • व्यय पर्यवेक्षक (Expenditure Observers): उम्मीदवारों के चुनावी खर्च और धनबल के इस्तेमाल पर नजर रखने के लिए।

  • पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observers): सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदशनशील बूथों के प्रबंधन के लिए।

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