कर्नाटक में गन्ना किसानों को बड़ी राहत: मंत्री शिवानंद पाटिल का दावा— 'सिद्धरमैया सरकार ने पूरा किया ₹100 प्रति टन अतिरिक्त सहायता का वादा'

कर्नाटक में गन्ना किसानों को बड़ी राहत: मंत्री शिवानंद पाटिल का दावा— 'सिद्धरमैया सरकार ने पूरा किया ₹100 प्रति टन अतिरिक्त सहायता का वादा'

12, 2, 2026

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बेंगलुरु: कर्नाटक के गन्ना मंत्री शिवानंद पाटिल ने मंगलवार को विधान परिषद में घोषणा की कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों को दी जाने वाली सहायता ऐतिहासिक है और इस वर्ष राज्य के अधिकांश गन्ना किसान सरकारी नीतियों से पूरी तरह संतुष्ट हैं।

वित्तीय सहायता का गणित:

विधान परिषद में भाजपा एमएलसी एन. रविकुमार के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने 'अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि' का विवरण साझा किया:

  • संयुक्त सहायता: सरकार ने प्रति टन गन्ने पर कुल 100 रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया था।

  • हिस्सेदारी: इसमें 50 रुपये प्रति टन का भुगतान सीधे राज्य सरकार द्वारा किया गया है, जबकि शेष 50 रुपये प्रति टन का भुगतान चीनी मिल मालिकों (फैक्ट्री मालिकों) द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

  • ऐतिहासिक कदम: पाटिल ने कहा कि कर्नाटक के इतिहास में सिद्धरमैया सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने गन्ना किसानों को दो बार वित्तीय सहायता प्रदान की है।

किसानों की स्थिति पर सरकार का रुख:

मंत्री शिवानंद पाटिल ने विपक्ष के 'किसान संकट' के दावों को खारिज करते हुए कहा:

  1. संतुष्ट किसान: सरकार की समयबद्ध कार्रवाई और सहायता राशि जारी होने से किसान इस वर्ष संकट में नहीं हैं।

  2. चीनी मिलों को समर्थन: सरकार न केवल किसानों बल्कि चीनी मिलों के सुचारू संचालन के लिए भी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।

  3. शून्यकाल में चर्चा: यह स्पष्टीकरण विधान परिषद के 'शून्यकाल' के दौरान दिया गया, जहाँ किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों पर चर्चा हो रही थी।

"हमने जो वादा किया था, उसे धरातल पर उतारा है। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व में किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम आगे भी उनके हितों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रखेंगे।" — शिवानंद पाटिल, गन्ना मंत्री, कर्नाटक

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