CAPF में करियर की बाधाएं दूर करने की पहल: संसदीय समिति ने की 'व्यापक कैडर समीक्षा' की मांग, CISF में पदोन्नति के संकट पर जताई चिंता

CAPF में करियर की बाधाएं दूर करने की पहल: संसदीय समिति ने की 'व्यापक कैडर समीक्षा' की मांग, CISF में पदोन्नति के संकट पर जताई चिंता

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: भाजपा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल की अध्यक्षता वाली गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने मंगलवार को संसद में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की। समिति ने आगाह किया कि यदि अर्धसैनिक बलों (CAPF) में पदोन्नति के अवसरों में सुधार नहीं किया गया, तो यह जवानों के मनोबल (Morale) पर बेहद नकारात्मक असर डालेगा।

समिति की मुख्य सिफारिशें और निष्कर्ष:

  • कैडर समीक्षा (Cadre Review): समिति ने सभी रैंकों के लिए एक व्यापक कैडर समीक्षा की अनुशंसा की है। इसका उद्देश्य रिक्त पदों को भरना, नए पदों का सृजन करना और रैंक संरचना को तर्कसंगत बनाना है।

  • पदोन्नति कोटा का युक्तिकरण: रिपोर्ट में कहा गया है कि निष्पक्ष करियर प्रगति के लिए पदोन्नति कोटा की समीक्षा होनी चाहिए और विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) की बैठकें समय पर आयोजित की जानी चाहिए।

  • समानता सुनिश्चित करना: समिति ने जोर दिया कि विभिन्न बलों (जैसे CRPF, BSF, ITBP आदि) के बीच करियर की प्रगति में समानता होनी चाहिए, ताकि किसी एक बल के कर्मी दूसरे की तुलना में पीछे न छूटें।

CISF में 'पदोन्नति का ठहराव' (Stagnation):

समिति ने विशेष रूप से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का उल्लेख किया। रिपोर्ट के अनुसार:

  • निरीक्षक (Inspector - Group B) से सहायक कमांडेंट (Assistant Commandant - Group A) के पद पर पदोन्नति में लंबे समय से ठहराव की स्थिति बनी हुई है।

  • इस समस्या के समाधान के लिए समिति ने सुझाव दिया है कि सहायक कमांडेंट के पद के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (LDCE) का आयोजन UPSC के माध्यम से कराया जाना चाहिए।

चुनौतियां और वर्तमान स्थिति:

  1. धीमी प्रक्रिया: हालांकि असम राइफल्स और कुछ अन्य बलों में समीक्षा शुरू हुई है, लेकिन भर्ती नियमों (Recruitment Rules) की मंजूरी में देरी के कारण इनके लाभ जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहे हैं।

  2. मनोबल पर असर: लंबे समय तक एक ही पद पर रहने से जवानों में हताशा बढ़ती है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और पेशेवर प्रगति प्रभावित होती है।

  3. समयबद्ध कार्यान्वयन: समिति ने स्पष्ट किया है कि इन सुधारों का लाभ तभी मिलेगा जब इन्हें समय सीमा के भीतर लागू किया जाए।

महत्वपूर्ण तथ्य:

  • समिति के अध्यक्ष: राधामोहन दास अग्रवाल (राज्यसभा सदस्य, भाजपा)।

  • फोकस: भर्ती नियमों में सुधार, समय पर पदोन्नति और यूपीएससी (UPSC) की भूमिका।

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