भारतीय रेल का 'स्वर्ण युग': अश्विनी वैष्णव ने पेश किया 2.78 लाख करोड़ का विजन; 99% विद्युतीकरण और दुनिया की 'शक्तिशाली' हाइड्रोजन ट्रेन तैयार

भारतीय रेल का 'स्वर्ण युग': अश्विनी वैष्णव ने पेश किया 2.78 लाख करोड़ का विजन; 99% विद्युतीकरण और दुनिया की 'शक्तिशाली' हाइड्रोजन ट्रेन तैयार

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी फैसलों के कारण आज भारतीय रेल दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल परिवहन प्रणाली बन गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे अब घाटे से उबरकर पारदर्शिता और विकास की पटरी पर दौड़ रही है।

बजट और वित्तीय पारदर्शिता:

  • रिकॉर्ड आवंटन: आगामी वित्त वर्ष के लिए रेलवे को 2.78 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट मिला है।

  • विलय का लाभ: रेल बजट को आम बजट में मिलाने से रेलवे को फंड की कमी नहीं होती और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आई है।

  • व्यय का विवरण: * कर्मचारी खर्च: 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक।

    • ऊर्जा खर्च: 32,000 करोड़ रुपये।

तकनीकी और बुनियादी ढांचे की उपलब्धियां:

  1. 99% विद्युतीकरण: इस सरकार के कार्यकाल में 47,000 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे भारतीय रेल लगभग पूरी तरह 'ग्रीन रेलवे' बनने की ओर अग्रसर है।

  2. हाइड्रोजन ट्रेन: रेल मंत्री ने घोषणा की कि भारत ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार कर ली है। यह 'शून्य उत्सर्जन' की दिशा में भारत की बड़ी तकनीकी जीत है।

  3. माल परिवहन: भारतीय रेल अब दुनिया में माल ढुलाई (Freight) के मामले में दूसरे स्थान पर पहुँच गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है।

राज्यों को समान लाभ:

वैष्णव ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट का लाभ किसी एक क्षेत्र को नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक राज्य को मिलेगा। नई परियोजनाओं और स्टेशनों के आधुनिकीकरण में क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है।

"प्रधानमंत्री के निर्णय ने रेलवे को एक नया जीवनदान दिया है। आज हमारे खाते पारदर्शी हैं, हमारी तकनीक विश्वस्तरीय है और हमारी ट्रेनें भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हैं।" — अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री

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