संसद की मुहर: सरकार खर्च करेगी अतिरिक्त ₹2.01 लाख करोड़; वित्त मंत्री ने कहा— 'रबी फसल के लिए खाद की कमी नहीं होने देंगे'

संसद की मुहर: सरकार खर्च करेगी अतिरिक्त ₹2.01 लाख करोड़; वित्त मंत्री ने कहा— 'रबी फसल के लिए खाद की कमी नहीं होने देंगे'

12, 2, 2026

0

image

नयी दिल्ली: राज्यसभा द्वारा विनियोग विधेयक (Appropriation Bill) को ध्वनिमत से लौटाए जाने के साथ ही केंद्र सरकार को चालू वित्त वर्ष में 2.01 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च की अनुमति मिल गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि इस राशि का बड़ा हिस्सा उर्वरक सब्सिडी और आम जनता से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।

किसानों और खाद पर विशेष ध्यान:

  • उर्वरक सब्सिडी: वित्त मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि आगामी रबी सीजन के लिए खाद (Fertilizer) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अनुपूरक मांगों में उर्वरक सब्सिडी के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का बोझ किसानों पर न पड़े।

  • आर्थिक मजबूती: सीतारमण ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और अशांत समय के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था एक 'मजबूत स्थिति' में बनी हुई है।

ऊर्जा और रसोई गैस (LPG):

  1. निरंतर आपूर्ति: सरकार घरेलू एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

  2. क्षमता विस्तार: बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश के भीतर एलपीजी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि आयात पर निर्भरता कम हो सके।

BSNL को लेकर कांग्रेस पर प्रहार:

वित्त मंत्री ने सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL की मौजूदा स्थिति के लिए पूर्ववर्ती संप्रग (UPA) सरकार को जिम्मेदार ठहराया:

  • नीतियों की आलोचना: उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीत सरकार की गलत नीतियों के कारण बीएसएनएल वित्तीय संकट में फंसी।

  • पुनरुद्धार की कोशिश: मोदी सरकार द्वारा कंपनी को उबारने के लिए उठाए गए कदमों का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि जब सुधार की कोशिश होती है, तो विपक्ष को परेशानी होती है।

अनुपूरक मांगों का महत्व:

जब सरकार को बजट में आवंटित राशि से अधिक धन की आवश्यकता होती है, तो वह 'अनुपूरक मांगें' संसद में पेश करती है। इस ₹2.01 लाख करोड़ की मंजूरी से सरकार को बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी।

Powered by Froala Editor