भारतीय कला की ऐतिहासिक नीलामी: राजा रवि वर्मा की 'यशोदा और कृष्ण' पहली बार नीलाम होगी; अनुमानित कीमत ₹120 करोड़ तक

भारतीय कला की ऐतिहासिक नीलामी: राजा रवि वर्मा की 'यशोदा और कृष्ण' पहली बार नीलाम होगी; अनुमानित कीमत ₹120 करोड़ तक

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: कला प्रेमियों और संग्राहकों (Collectors) के लिए सैफ्रोनआर्ट की यह नीलामी किसी उत्सव से कम नहीं है। इस संग्रह में 8वीं शताब्दी की कश्मीरी बुद्ध प्रतिमा से लेकर आधुनिक भारत के दिग्गज कलाकारों जैसे एम.एफ. हुसैन और एस.एच. रजा की उत्कृष्ट कृतियों को शामिल किया गया है।

नीलामी के 'क्राउन ज्वेल' (मुख्य आकर्षण):

1. राजा रवि वर्मा: ‘यशोदा और कृष्ण’ (1890 के दशक का तैलचित्र)

  • दृश्य: इस अद्भुत पेंटिंग में माता यशोदा को गाय का दूध निकालते हुए दिखाया गया है, जबकि बाल कृष्ण उत्सुकता से दूध के गिलास के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं।

  • महत्व: सैफ्रोनआर्ट के सीईओ दिनेश वजरानी के अनुसार, यह पहली बार है जब यह कृति नीलामी में आ रही है।

  • अनुमानित कीमत: ₹80 करोड़ से ₹120 करोड़।

2. कश्मीरी बुद्ध प्रतिमा (8वीं शताब्दी)

  • विवरण: यह बुद्ध की एक अत्यंत दुर्लभ प्रारंभिक कश्मीरी कांस्य मूर्ति है।

  • इतिहास: यह पहले प्रसिद्ध कला संग्राहक नलिनी और हरिदास स्वाली के निजी संग्रह का हिस्सा थी।

  • अनुमानित कीमत: ₹3 करोड़ से ₹5 करोड़।

3. एम.एफ. हुसैन: ‘अंटाइटल्ड (बनारस)’

  • दृश्य: यह भव्य पेंटिंग वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों और वहां के रोजमर्रा के जीवन के प्रति हुसैन के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

  • अनुमानित कीमत: ₹10 करोड़ से ₹15 करोड़।

संग्रह में शामिल अन्य दिग्गज कलाकार:

नीलामी की सूची में 'प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप' के स्तंभों और अन्य महान कलाकारों की कृतियां भी शामिल हैं:

  • एस.एच. रजा (S H Raza)

  • एफ.एन. सूजा (F N Souza)

  • समकालीन मूर्तिकला और प्राचीन वस्तुएं

विशेषज्ञों की राय:

सैफ्रोनआर्ट का मानना है कि यह संग्रह न केवल कलात्मक निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारतीय कला की बढ़ती मांग और मूल्य का भी प्रमाण है। राजा रवि वर्मा की कृतियों का नीलामी में आना हमेशा एक बड़ी घटना मानी जाती है क्योंकि उनकी अधिकांश महत्वपूर्ण रचनाएं संग्रहालयों या राजघरानों के निजी संग्रह में हैं।

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