LG तरनजीत सिंह संधू की पहली DDMA बैठक: दिल्ली में 'फायर सेफ्टी ऑडिट' का आदेश; पालम हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश
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LG तरनजीत सिंह संधू की पहली DDMA बैठक: दिल्ली में 'फायर सेफ्टी ऑडिट' का आदेश; पालम हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: पालम में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के आपदा प्रबंधन ढांचे की समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं, जहाँ सुरक्षा मानकों और बुनियादी ढांचे की कमियों पर गंभीर चर्चा हुई।

बैठक के 3 बड़े फैसले:

  1. व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट (Fire Safety Audit): * LG ने पूरी दिल्ली, विशेषकर घनी आबादी वाले रिResidential (आवासीय) और व्यावसायिक इलाकों में व्यापक ऑडिट के निर्देश दिए हैं।

    • इसका उद्देश्य उन इमारतों की पहचान करना है जहाँ अग्नि शमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं या जहाँ संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां नहीं पहुँच पातीं।

  2. मजिस्ट्रेट जांच के आदेश: * मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पालम अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या 5-मंजिला इमारत में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र (NOC) था या नहीं।

  3. जलभराव और ड्रेनेज मास्टरप्लान: * आगामी मानसून को देखते हुए शहरी जलभराव (Urban Flooding) को कम करने के लिए दिल्ली की 'जलनिकासी योजना' की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मोदी के 'सक्रिय आपदा जोखिम प्रबंधन' विजन के तहत इसे आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया।

ईंधन सुरक्षा और भू-राजनीतिक चिंताएं:

पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी संघर्ष के बीच, उपराज्यपाल ने दिल्ली में आवश्यक ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की:

  • LPG और PNG: आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में किसी भी बाधा को रोकने के निर्देश।

  • पेट्रोल और डीजल: आकस्मिक स्थितियों के लिए बफर स्टॉक और वितरण तंत्र की जांच।

प्रशासनिक समन्वय:

बैठक में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय की एक नई झलक देखने को मिली। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि दिल्ली की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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