विपक्ष का गृह मंत्री को पत्र: दिल्ली के उत्तम नगर में 'नफरत भरे माहौल' पर जताई चिंता; अमित शाह से की सख्त कार्रवाई की मांग
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विपक्ष का गृह मंत्री को पत्र: दिल्ली के उत्तम नगर में 'नफरत भरे माहौल' पर जताई चिंता; अमित शाह से की सख्त कार्रवाई की मांग

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और वामपंथी दलों सहित कई विपक्षी सांसदों ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक संयुक्त पत्र सौंपा। पत्र में आरोप लगाया गया है कि देश की राजधानी के कुछ इलाकों में एक विशेष समुदाय के खिलाफ डर का माहौल पैदा किया जा रहा है।

पत्र की मुख्य बातें और आरोप:

  • खुली धमकियां: सांसद मोहम्मद जावेद ने पत्र में लिखा कि उत्तम नगर में मुस्लिम समुदाय को "खुली धमकियां" दी जा रही हैं और भड़काऊ नारों के जरिए सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास हो रहा है।

  • पुलिस की भूमिका पर सवाल: विपक्षी सांसदों ने दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया को "चुनिंदा और अपर्याप्त" करार दिया। उनका कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से कानून के राज पर जनता का विश्वास कम हो रहा है।

  • असुरक्षा का भाव: पत्र में दावा किया गया है कि नफरत भरी सामग्री के प्रसार के कारण नागरिक अपने ही शहर में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

सांसदों की 4 प्रमुख मांगें:

  1. निष्पक्ष कार्रवाई: नफरत फैलाने वालों और स्थिति को सांप्रदायिक रंग देने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

  2. सुरक्षा सुनिश्चित करना: जमीन पर विश्वास बहाल करने के लिए संवेदनशील इलाकों में प्रभावी पुलिस गश्त और सुरक्षा बल तैनात किए जाएं।

  3. जवाबदेही तय करना: कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

  4. स्वतंत्र समीक्षा: पुलिस की अब तक की कार्रवाई की एक स्वतंत्र समीक्षा हो, ताकि "पक्षपात या निष्क्रियता" की शिकायतों का निपटारा हो सके।

हस्ताक्षरकर्ता दल:

इस मांग पत्र पर मोहम्मद जावेद (कांग्रेस) के अलावा निम्नलिखित दलों के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए हैं:

  • समाजवादी पार्टी (SP)

  • द्रमुक (DMK)

  • झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)

  • भाकपा-माले (CPI-ML) और अन्य।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया:

गृह मंत्रालय या दिल्ली पुलिस की ओर से अभी इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, दिल्ली पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में शांति समितियों (Peace Committees) के माध्यम से दोनों समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने का दावा करती रही है।

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