बेरोजगारी पर कांग्रेस का केंद्र पर प्रहार: "डिग्रीधारी युवाओं का महासंकट"; जयराम रमेश ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट से घेरा
आज की ताजा खबर
LIVE

बेरोजगारी पर कांग्रेस का केंद्र पर प्रहार: "डिग्रीधारी युवाओं का महासंकट"; जयराम रमेश ने अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट से घेरा

12, 2, 2026

14

image

नयी दिल्ली: जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास रोजगार पर बात करने का साहस नहीं है, इसलिए वे युवाओं द्वारा 'रील' बनाने को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं।

रिपोर्ट के 4 सबसे चौंकाने वाले आंकड़े (2017-2024):

  1. स्नातक बेरोजगारी: देश के 20 से 29 वर्ष की उम्र के 6.3 करोड़ स्नातकों में से लगभग 1.1 करोड़ युवा वर्तमान में बेरोजगार हैं।

  2. स्थायी नौकरी का अभाव: रिपोर्ट के अनुसार, केवल 7 प्रतिशत स्नातक ही अपनी पढ़ाई पूरी करने के एक साल के भीतर स्थायी वेतन (Fixed Salary) वाली नौकरी हासिल कर पा रहे हैं।

  3. शिक्षा में गिरावट: उच्च शिक्षा में युवाओं (पुरुषों) की हिस्सेदारी 2017 के 38% से गिरकर 2024 के अंत तक 34% रह गई है।

  4. आर्थिक मजबूरी: घर चलाने के लिए पढ़ाई छोड़ने वाले युवाओं का आंकड़ा 2017 के 58% से बढ़कर 2023 में 72% हो गया है।

जयराम रमेश के मुख्य आरोप:

  • चुनावी भाषणों पर कटाक्ष: उन्होंने कहा कि सरकार वास्तविक रोजगार देने के बजाय युवाओं को 'ध्यान भटकाने वाले एजेंडों' में उलझाए रखती है।

  • नौकरी की लाइन: रमेश ने आरोप लगाया कि देश की जनता को 'लाइन' में लगाने की आदी इस सरकार ने युवाओं को नौकरी की लाइन में खड़ा कर दिया है, जहाँ नौकरियां ही गायब हैं।

  • समाधान का अभाव: कांग्रेस नेता के अनुसार, सरकार के पास बढ़ती बेरोजगारी और गिरते शैक्षिक स्तर का कोई ठोस समाधान नहीं है।

राजनीतिक प्रभाव:

विधानसभा चुनावों (जैसे पश्चिम बंगाल और असम 2026) के बीच बेरोजगारी का मुद्दा विपक्ष के लिए एक बड़ा हथियार बनता जा रहा है। कांग्रेस इस डेटा के जरिए युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने और सरकार की 'स्किल इंडिया' व 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रही है।

Powered by Froala Editor