पश्चिम एशिया संकट: 2.6 लाख भारतीयों की स्वदेश वापसी; पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति के बीच सुरक्षा पर चर्चा
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पश्चिम एशिया संकट: 2.6 लाख भारतीयों की स्वदेश वापसी; पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति के बीच सुरक्षा पर चर्चा

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले और उसके बाद शुरू हुए जवाबी हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता वहां फंसे भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों और नाविकों की सुरक्षा है।

निकासी अभियान के मुख्य आंकड़े:

  • 2.6 लाख की वापसी: 28 फरवरी से अब तक लगभग 2,60,000 भारतीय पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों से सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।

  • हवाई संपर्क: केवल बुधवार को ही यूएई (UAE) से भारत के लिए लगभग 70 उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है।

  • ईरान से पलायन: तेहरान स्थित भारतीय दूतावास उन छात्रों और नागरिकों की मदद कर रहा है जो ईरानी सीमा पार कर आर्मेनिया और अजरबैजान जैसे सुरक्षित देशों में जाना चाहते हैं।

पीएम मोदी और शेख मोहम्मद बिन जायद की बातचीत:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से फोन पर बात कर क्षेत्र की स्थिरता पर चर्चा की:

  1. हमलों की निंदा: पीएम मोदी ने यूएई के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।

  2. समुद्री सुरक्षा: दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा है।

  3. शांति प्रयास: दोनों देश क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की जल्द बहाली के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) की तैयारी:

अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने बताया कि मंत्रालय पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहा है। नाविकों और फंसे हुए नागरिकों के लिए कांसुलर सेवाएं और हेल्पलाइन 24/7 सक्रिय हैं।

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