बलात्कार मामले में आरोपी को अंतरिम सुरक्षा: दिल्ली कोर्ट ने '5 साल की देरी' और सबूतों की कमी पर उठाए सवाल; 28 मार्च तक गिरफ्तारी पर रोक
आज की ताजा खबर
LIVE

बलात्कार मामले में आरोपी को अंतरिम सुरक्षा: दिल्ली कोर्ट ने '5 साल की देरी' और सबूतों की कमी पर उठाए सवाल; 28 मार्च तक गिरफ्तारी पर रोक

12, 2, 2026

6

image

नयी दिल्ली: अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जांच में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए।

अदालत की 3 मुख्य टिप्पणियाँ और अवलोकन:

  1. प्राथमिकी (FIR) में भारी देरी: अदालत ने गौर किया कि यौन उत्पीड़न की पहली कथित घटना अप्रैल 2021 की बताई गई है, जबकि मामला 2026 में दर्ज कराया गया। लगभग 5 साल के इस लंबे अंतराल ने अभियोजन पक्ष की कहानी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

  2. सबूतों का अभाव: जांच अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के पति को कथित तौर पर कुछ अश्लील वीडियो या तस्वीरें भेजी गई थीं, लेकिन अभी तक पुलिस को ऐसा कोई भी डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है।

  3. चिकित्सा परीक्षण से इनकार: अदालत ने इस तथ्य को भी रिकॉर्ड पर लिया कि पीड़िता ने अपना आंतरिक चिकित्सा परीक्षण (Internal Medical Examination) कराने से मना कर दिया था।

अदालत का निर्देश:

  • दंडात्मक कार्रवाई पर रोक: पुलिस को निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई (28 मार्च) तक आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए।

  • जांच में सहयोग: आरोपी संजय जैन को जांच अधिकारी (IO) के साथ पूरी तरह सहयोग करने और जांच में शामिल होने का आदेश दिया गया है।

  • अगली रिपोर्ट: अदालत ने जांच अधिकारी को अगली तारीख पर जांच की प्रगति रिपोर्ट और हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता (यदि कोई हो) के ठोस आधार पेश करने की अनुमति दी है।

अभियोजन पक्ष का तर्क:

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए उसे राहत नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि, अदालत ने वर्तमान परिस्थितियों में 'जांच में शामिल होने के अधिकार' को प्राथमिकता दी।

Powered by Froala Editor