निजी टीवी चैनलों पर विज्ञापनों की निगरानी: 'अंतर-विभागीय समिति' करेगी शिकायतों का निपटारा; सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संसद में दी जानकारी
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निजी टीवी चैनलों पर विज्ञापनों की निगरानी: 'अंतर-विभागीय समिति' करेगी शिकायतों का निपटारा; सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संसद में दी जानकारी

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: सरकार ने स्पष्ट किया है कि केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम के तहत निर्धारित 'विज्ञापन संहिता' (Advertising Code) का उल्लंघन करने वाले चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

निगरानी तंत्र के मुख्य बिंदु:

  1. अंतर-विभागीय समिति (IDC): सरकार ने एक ऐसी समिति का गठन किया है जो निजी उपग्रह टीवी चैनलों द्वारा 'कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता' के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करती है।

  2. कानूनी ढांचा: सभी विज्ञापनों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत बनाए गए नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

  3. दंडात्मक कार्रवाई: यदि IDC किसी उल्लंघन की पुष्टि करती है, तो मंत्रालय संबंधित चैनलों के खिलाफ निम्नलिखित कदम उठाता है:

    • परामर्श (Advisory): नियमों की याद दिलाना।

    • चेतावनी (Warning): भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी देना।

    • अन्य आदेश: गंभीर मामलों में सख्त दंडात्मक आदेश जारी करना।

  4. नियमित परामर्श: मंत्रालय समय-समय पर सभी प्रसारणकर्ताओं (Broadcasters) को दिशा-निर्देश जारी करता रहता है ताकि विज्ञापन संहिता का अक्षरशः पालन सुनिश्चित हो सके।

विज्ञापन संहिता (Advertising Code) क्या है?

यह संहिता सुनिश्चित करती है कि टीवी पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन:

  • किसी धर्म, जाति या समुदाय की भावनाओं को आहत न करें।

  • महिलाओं या बच्चों के प्रति अनुचित चित्रण न करें।

  • भ्रामक दावों या अवैध उत्पादों को बढ़ावा न दें।

  • शालीनता और नैतिकता के मानकों का उल्लंघन न करें।

आम नागरिक कहाँ करें शिकायत?

सरकार ने बताया कि यदि कोई नागरिक किसी टीवी चैनल पर आपत्तिजनक विज्ञापन या कार्यक्रम देखता है, तो वह इसकी शिकायत सीधे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सशक्त पोर्टल (Sashakt Portal) या संबंधित नियामक संस्थाओं को भेज सकता है।

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