UNI परिसर की सीलिंग पर सुरजेवाला का सरकार पर प्रहार: "मीडिया के लिए हिटलरशाही फरमान"; प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक का दिया हवाला
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UNI परिसर की सीलिंग पर सुरजेवाला का सरकार पर प्रहार: "मीडिया के लिए हिटलरशाही फरमान"; प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक का दिया हवाला

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली: शुक्रवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (L&DO) ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद रफी मार्ग स्थित UNI कार्यालय को सील कर दिया। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरजेवाला ने 'X' पर एक विस्तृत पोस्ट में सरकार की तीखी आलोचना की।

सुरजेवाला के आरोपों के मुख्य बिंदु:

  1. मीडिया को डराने का आरोप: सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार का मीडिया के लिए सीधा संदेश है— "अगर सरकार के खिलाफ लिखा या रिपोर्टिंग की, तो मरोड़ दिए जाओगे।" उन्होंने इसे "झुको या डंडा सहो" की राजनीति बताया।

  2. पिछले मामलों का उल्लेख (पैटर्न): उन्होंने वर्तमान कार्रवाई को एक लंबी कड़ी का हिस्सा बताया, जिसमें उन्होंने निम्नलिखित उदाहरण दिए:

    • NDTV: 2016 में चैनल पर प्रतिबंध और बाद में सीबीआई जांच के जरिए स्वामित्व परिवर्तन का दावा।

    • BBC & Quint: बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के बाद आईटी छापे और 'क्विंट' में हिस्सेदारी की खरीद।

    • स्वतंत्र आवाजें: यूट्यूब चैनल '4 PM' को बंद करने और पत्रकारों पर हमलों (गौरी लंकेश व सिद्दीक कप्पन) का जिक्र किया।

  3. प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक: कांग्रेस नेता ने वैश्विक स्तर पर भारत की गिरती रैंकिंग को रेखांकित करते हुए कहा:

    • 2024: 180 देशों में भारत 159वें स्थान पर था।

    • 2025: भारत की रैंक 151वीं थी।

    • उन्होंने दावा किया कि पूरी दुनिया मान रही है कि भारत में निष्पक्ष मीडिया के लिए जगह कम हो रही है।

UNI का पक्ष:

समाचार एजेंसी ने इस कार्रवाई को "अभूतपूर्व क्रूरता" बताया है। उनका तर्क है कि पुलिस और अर्द्धसैन्य बलों का उपयोग करके एक ऐतिहासिक मीडिया संस्थान को इस तरह सील करना प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।

सरकारी पक्ष:

भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) का कहना है कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है, जो संभवतः लीज या संपत्ति संबंधी कानूनी विवाद से जुड़ी है।

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