पुडुचेरी चुनाव: कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन में दरार; सीटों के फार्मूले पर फंसा पेंच, अलग चुनाव लड़ने की तैयारी
आज की ताजा खबर
LIVE

पुडुचेरी चुनाव: कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन में दरार; सीटों के फार्मूले पर फंसा पेंच, अलग चुनाव लड़ने की तैयारी

12, 2, 2026

12

image

चेन्नई/पुडुचेरी: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च बेहद करीब है, लेकिन कांग्रेस और द्रमुक के बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह केंद्र शासित प्रदेश में कनिष्ठ (Junior) साझेदार की भूमिका स्वीकार नहीं करेगी।

विवाद की जड़: सीट शेयरिंग फॉर्मूला

पक्षपुराना समीकरण (अतीत)द्रमुक का पहला प्रस्तावद्रमुक का संशोधित प्रस्तावकांग्रेस का रुख
कांग्रेस21 सीटें09 सीटें14 सीटेंअस्वीकार्य (नेतृत्व की मांग)
द्रमुक09 सीटें21 सीटें14 सीटेंआक्रामक (अधिक सीटों पर दावा)

प्रमुख घटनाक्रम और बयान:

  • कांग्रेस का रुख: पुडुचेरी प्रभारी गिरीश चोडणकर ने कड़े शब्दों में कहा कि द्रमुक की पेशकश उन्हें स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस ऐतिहासिक रूप से यहाँ गठबंधन का नेतृत्व करती रही है और वह इसे छोड़ना नहीं चाहती।

  • द्रमुक की रणनीति: तमिलनाडु में मजबूत स्थिति का हवाला देते हुए द्रमुक पुडुचेरी में भी अपना विस्तार करना चाहती है, इसलिए वह 21 सीटों पर चुनाव लड़ने की जिद पर अड़ी थी, जिसे बाद में घटाकर 14 किया गया।

  • गठबंधन का अंत?: चोडणकर ने संकेत दिया है कि दोनों पार्टियाँ अलग होकर चुनाव लड़ सकती हैं ताकि चुनाव के बाद (Post-poll) सरकार बनाने के लिए फिर से साथ आ सकें।

चुनाव का महत्वपूर्ण शेड्यूल:

  • कुल सीटें: 30

  • नामांकन की अंतिम तिथि: 23 मार्च, 2026

  • मतदान की तिथि: 09 अप्रैल, 2026

  • मतगणना (परिणाम): 04 मई, 2026

क्या होगा असर?

यदि दोनों दल अलग-अलग लड़ते हैं, तो पुडुचेरी में मुकाबला बहुकोणीय (Multi-cornered) हो जाएगा। इसका सीधा लाभ विपक्षी गठबंधन (AINRC-BJP) को मिल सकता है, जो पहले से ही सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटा है।

Powered by Froala Editor