त्रिपुरा: मतदाता सूची का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' शुरू; निजी विश्वविद्यालयों पर विपक्ष के वॉकआउट के बीच CM का करारा जवाब
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त्रिपुरा: मतदाता सूची का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' शुरू; निजी विश्वविद्यालयों पर विपक्ष के वॉकआउट के बीच CM का करारा जवाब

12, 2, 2026

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अगरतला: मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू की गई एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।

मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR):

  • प्रारंभिक कार्य: मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने एसआईआर के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है, हालांकि औपचारिक अधिसूचना अभी प्रतीक्षित है।

  • पार्टी की भूमिका: भाजपा की कार्यशाला में इस बात पर चर्चा हुई कि कार्यकर्ता इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सहायता कैसे कर सकते हैं।

  • सुरक्षा और अधिकार: त्रिपुरा की भौगोलिक स्थिति (तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वैध मतदाताओं की पहचान और समावेश अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निजी विश्वविद्यालय विवाद:

शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को विधानसभा में विपक्ष (CPIM और कांग्रेस) ने तीन निजी विश्वविद्यालय विधेयकों के खिलाफ वॉकआउट किया था। मुख्यमंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा:

  1. सिक्किम का उदाहरण: साहा ने तर्क दिया कि यदि 8 लाख की आबादी वाले सिक्किम में 23 विश्वविद्यालय हो सकते हैं, तो त्रिपुरा में शिक्षा के विस्तार में क्या बुराई है?

  2. आर्थिक लाभ: उन्होंने कहा कि नए संस्थानों से बाहरी छात्र आएंगे, जिससे राज्य की GSDP और प्रति व्यक्ति आय में सुधार होगा (जैसा कि सिक्किम में हुआ है)।

  3. कठोर निगरानी: मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि बिना UGC मंजूरी के किसी भी विश्वविद्यालय को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विपक्ष के आरोप:

विपक्षी नेताओं (जितेंद्र चौधरी और सुदीप रॉय बर्मन) ने आरोप लगाया है कि जिन संस्थानों को मंजूरी दी जा रही है, उनकी प्रामाणिकता संदिग्ध है और उनके पते व संपर्क विवरण "फर्जी" पाए गए हैं। उन्होंने इन विधेयकों को प्रवर समिति (Select Committee) के पास भेजने की मांग की थी।

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