कन्नूर में माकपा को दोहरा झटका: पय्यानूर में कुन्हीकृष्णन का कार्यालय बंद; तालिपारम्बा में एम.वी. गोविंदन की पत्नी के खिलाफ बागी मैदान में

कन्नूर में माकपा को दोहरा झटका: पय्यानूर में कुन्हीकृष्णन का कार्यालय बंद; तालिपारम्बा में एम.वी. गोविंदन की पत्नी के खिलाफ बागी मैदान में

12, 2, 2026

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कन्नूर: माकपा के दो वरिष्ठ नेताओं—वी कुन्हीकृष्णन और टी के गोविंदन—द्वारा पार्टी छोड़ने और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले ने पार्टी नेतृत्व को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है।

1. पय्यानूर: वी कुन्हीकृष्णन बनाम टी आई मधुसूदनन

  • विवाद की जड़: कुन्हीकृष्णन ने मौजूदा विधायक टी आई मधुसूदनन पर 'शहीद कोष' (Martyr's Fund) और भवन निर्माण फंड में भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। पार्टी द्वारा विधायक का बचाव करने पर वे बागी हो गए।

  • धमकी का आरोप: कुन्हीकृष्णन ने शनिवार को अपना चुनाव कार्यालय बंद कर दिया। उनका आरोप है कि माकपा कार्यकर्ताओं ने उस जमीन के मालिक को डराया-धमकाया, जहाँ कार्यालय बनाया गया था। उन्होंने इसे "फासीवादी और अलोकतांत्रिक" कृत्य बताया।

  • UDF का समर्थन: विपक्षी यूडीएफ (UDF) ने कुन्हीकृष्णन को समर्थन देने का फैसला किया है और पय्यानूर से अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

2. तालिपारम्बा: टी के गोविंदन की बगावत

  • हाई-प्रोफाइल मुकाबला: पूर्व जिला सचिवालय सदस्य टी के गोविंदन अब माकपा के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन की पत्नी पी के श्यामला के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

  • विरोध की वजह: गोविंदन ने श्यामला को उम्मीदवार बनाए जाने को "अनैतिक" और पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ बताया। उन्होंने शनिवार को केपीसीसी (KPCC) अध्यक्ष सनी जोसेफ से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे, न कि कांग्रेस के सिंबल पर।

विपक्ष की रणनीति:

संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) ने इस बार एक नई रणनीति अपनाई है। उन्होंने माकपा के चार प्रमुख बागियों को समर्थन देने की घोषणा की है:

  1. वी कुन्हीकृष्णन (पय्यानूर)

  2. टी के गोविंदन (तालिपारम्बा)

  3. जी सुधाकरण (अम्बलप्पुझा)

  4. पी के शशि (ओट्टापलम)

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