मेघालय: गारो हिल्स हिंसा पर मुकुल संगमा ने उठाई स्वतंत्र जांच की मांग; राज्यपाल को सौंपी याचिका, पुलिस की 'मनमानी' कार्रवाई पर जताई चिंता

मेघालय: गारो हिल्स हिंसा पर मुकुल संगमा ने उठाई स्वतंत्र जांच की मांग; राज्यपाल को सौंपी याचिका, पुलिस की 'मनमानी' कार्रवाई पर जताई चिंता

12, 2, 2026

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शिलांग: गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) चुनावों को लेकर उपजा विवाद अब हिंसक रूप ले चुका है, जिसमें 10 मार्च को दो लोगों की जान चली गई थी। विपक्ष के नेता ने इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

विवाद की मुख्य वजहें:

  1. परिषद चुनाव और आरक्षण: गारो समुदाय के नागरिक संगठन मांग कर रहे हैं कि गैर-आदिवासियों को GHADC चुनाव लड़ने से रोका जाए।

  2. विवादास्पद अधिसूचना: परिषद के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी सदस्य द्वारा जारी एक अधिसूचना और फुलबाड़ी में एक पूर्व विधायक की बैठक ने तनाव को और भड़का दिया।

  3. हिंसा और तनाव: इन घटनाओं के परिणामस्वरूप हुई झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई, जिससे गारो हिल्स के जिलों में डर का माहौल बन गया।

मुकुल संगमा की प्रमुख मांगें और आपत्तियां:

  • स्वतंत्र जांच आयोग: संगमा ने मांग की है कि एक आयोग उन परिस्थितियों की जांच करे जिनके कारण विवादित अधिसूचना जारी हुई और हिंसा भड़की।

  • पुलिस की 'मनमानी' गिरफ्तारियां: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना उचित सत्यापन के अंधाधुंध गिरफ्तारियां कर रही है, जिससे निर्दोष लोग फंस रहे हैं और असली अपराधी बच निकल रहे हैं।

  • जवाबदेही तय हो: विपक्ष के नेता ने कहा कि उन अधिकारियों की भी पहचान होनी चाहिए जिन्होंने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया और स्थिति को बिगड़ने दिया।

वर्तमान स्थिति:

मुकुल संगमा ने यह भी जानकारी दी कि चर्च के नेताओं और वरिष्ठ नागरिकों के हस्तक्षेप के बाद पश्चिम गारो हिल्स में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि शांति बहाली के लिए केवल बल प्रयोग के बजाय 'न्याय' पर ध्यान दिया जाए।

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