छत्तीसगढ़ 'गौधाम योजना' 2026: गौवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
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छत्तीसगढ़ 'गौधाम योजना' 2026: गौवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

12, 2, 2026

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मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यम से बटन दबाकर प्रदेश के 29 गौधामों को एक साथ शुरू किया। इस योजना का मूल मंत्र 'गौ-सेवा के साथ समृद्धि' है।

1. क्या है गौधाम योजना?

यह राज्य सरकार की एक व्यापक पहल है जिसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • सुरक्षित आश्रय: सड़कों पर घूमने वाले आवारा, बीमार और बूढ़े गौवंश को व्यवस्थित और आधुनिक गौशालाओं (गौधामों) में आश्रय देना।

  • आर्थिक सशक्तिकरण: गोबर और गौमूत्र के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना।

  • तकनीकी सहायता: पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी मदद प्रदान करना।

2. लाखासार (बिलासपुर) के लिए विशेष सौगातें:

मुख्यमंत्री ने लाखासार को इस योजना के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई घोषणाएं कीं:

  • भवन निर्माण: ₹25 लाख का तत्काल आवंटन।

  • सुविधाएं: एम्बुलेंस और 'काऊ केचर' (Cow Catcher) वाहन की उपलब्धता।

  • बुनियादी ढांचा: गांव में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम और गौरवपथ का निर्माण।


बिजली बिल भुगतान समाधान योजना: ₹757 करोड़ की बड़ी राहत

गौधाम योजना के शुभारंभ के साथ ही मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक क्रांतिकारी राहत योजना की जानकारी दी:

  • बकाया बिल का निराकरण: घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों के ₹1,700 करोड़ के बकाया बिलों का निपटारा किया जाएगा।

  • समय सीमा: इस योजना का लाभ 31 जून 2026 तक लिया जा सकता है।

  • बड़ी छूट: * बिलों पर लगने वाला सरचार्ज (व्याज) पूरी तरह माफ होगा।

    • मूलधन (Principal Amount) में 10% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।

  • कुल लाभ: सरकार कुल ₹757 करोड़ के बिल माफ कर रही है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।


प्रमुख आंकड़े: एक नज़र में

विवरणजानकारी/लाभ
गौधामों की शुरुआत29 गौधाम (प्रथम चरण)
लाखासार भवन हेतु राशि₹25 लाख
बिजली बिल माफी राशि₹757 करोड़
बिजली बिल समाधान की अंतिम तिथि31 जून 2026
छूट का स्वरूप100% सरचार्ज माफी + 10% मूलधन की छूट

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