छत्तीसगढ़ में 'अफीम' पर सियासी संग्राम: मंत्रियों के गृह जिलों में खेती से भड़की कांग्रेस; भाजपा का पलटवार— "नशे का हाईवे पिछली सरकार की देन"

छत्तीसगढ़ में 'अफीम' पर सियासी संग्राम: मंत्रियों के गृह जिलों में खेती से भड़की कांग्रेस; भाजपा का पलटवार— "नशे का हाईवे पिछली सरकार की देन"

12, 2, 2026

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छत्तीसगढ़ के शांत खेतों में लहलहाती अफीम की फसल ने प्रदेश के सियासी गलियारों में ज़हर घोल दिया है। दुर्ग (शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का क्षेत्र), बलरामपुर (कृषि मंत्री रामविचार नेताम का क्षेत्र) और रायगढ़ (वित्त मंत्री ओपी चौधरी का क्षेत्र) में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद कांग्रेस ने सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। यह मुद्दा अब केवल प्रशासनिक विफलता का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर मंत्रियों के संरक्षण के आरोपों तक पहुँच गया है।

कांग्रेस का कड़ा प्रहार: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखे सवाल दागते हुए इसे "भाजपा का नया कृषि प्रयोग" करार दिया है। कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि:

  • गिरदावरी रिपोर्ट में हेरफेर: राजस्व रिकॉर्ड में अफीम की फसल को "सब्जी" कैसे दिखाया गया? क्या पटवारी और तहसीलदार इस बड़े खेल में शामिल थे?

  • भाजपा कनेक्शन: मुख्य आरोपियों के भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ कथित मधुर संबंधों पर सवाल उठाए गए हैं।

  • मंत्रियों की चुप्पी: विपक्ष का पूछना है कि मंत्रियों की नाक के नीचे उनके गृह जिलों में यह काला कारोबार कैसे फला-फूला?

भाजपा का 'सुशासन' बनाम 'कुशासन' वाला जवाब: विपक्ष के हमलों पर भाजपा प्रवक्ता केएस चौहान और वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने मोर्चा संभालते हुए कहा है कि अफीम की खेती की जड़ें पिछली कांग्रेस सरकार के समय ही जम चुकी थीं। भाजपा का दावा है कि:

  • विरासत में मिला नशा: पिछली सरकार ने छत्तीसगढ़ को "नशे का नेशनल हाईवे" बना दिया था, जिसे अब वर्तमान सरकार साफ कर रही है।

  • कठोर कार्रवाई: मुख्यमंत्री के निर्देश पर हवाई सर्वेक्षण और ड्रोन से निगरानी शुरू की गई है, जो यह साबित करता है कि सरकार तस्करों को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों की चिंता: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सीमावर्ती राज्यों (जैसे झारखंड और मध्य प्रदेश) के ड्रग सिंडिकेट ने यहाँ पैर जमा लिए, तो राज्य को "उड़ता छत्तीसगढ़" बनने से रोकना एक बड़ी चुनौती होगी। असली परीक्षा जमीनी सूचना तंत्र (Intelligence) को मजबूत करने और संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई करने की है।

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