सेल (SAIL) में ₹350 करोड़ का 'स्टील घोटाला': CBI की रडार पर दिग्गज निदेशक; BSP के TMT स्टील की फर्जी सप्लाई का भंडाफोड़

सेल (SAIL) में ₹350 करोड़ का 'स्टील घोटाला': CBI की रडार पर दिग्गज निदेशक; BSP के TMT स्टील की फर्जी सप्लाई का भंडाफोड़

12, 2, 2026

0

image

देश की सबसे बड़ी सरकारी स्टील निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में करोड़ों रुपये की अनियमितता का मामला अब एक बड़े राष्ट्रीय घोटाले के रूप में सामने आया है। लोकपाल के कड़े रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस कार्रवाई से सेल के मौजूदा शीर्ष प्रबंधन और कई पूर्व निदेशकों (Ex-Directors) की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि जांच की आंच अब मुख्यालय तक पहुँच चुकी है।

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) का कनेक्शन: जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में निर्मित उच्च गुणवत्ता वाला टीएमी (TMT) स्टील, जो रणनीतिक और सरकारी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आरक्षित था, उसे कथित तौर पर फर्जी या गैर-पात्र (Non-Eligible) निजी प्रोजेक्ट कंपनियों को सप्लाई कर दिया गया। यह खेल केवल कागजों पर फर्जी कंपनियां दिखाकर खेला गया, जिससे बाजार दरों और कंसेशनल दरों के बीच के अंतर का बड़ा फायदा बिचौलियों और अधिकारियों ने उठाया।

भारी वित्तीय नुकसान: प्रारंभिक ऑडिट और सीबीआई के आकलन के अनुसार:

  • कुल अनुमानित घोटाला: लगभग 300 से 350 करोड़ रुपये

  • नेटवर्क की गहराई: अनियमितता किसी एक यूनिट या अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करती है जिसमें मार्केटिंग से लेकर डिस्पैच विभाग तक के अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

  • अगली कार्रवाई: सीबीआई ने सेल के कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और जल्द ही दिल्ली व भिलाई के कई ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी है।

Powered by Froala Editor