बस्तर में दौड़ रही है 'शांति और विकास' की लहर: हेरिटेज मैराथन में 9,800 धावकों ने रचा इतिहास; ₹25 लाख के इनामों की बौछार

बस्तर में दौड़ रही है 'शांति और विकास' की लहर: हेरिटेज मैराथन में 9,800 धावकों ने रचा इतिहास; ₹25 लाख के इनामों की बौछार

12, 2, 2026

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छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग ने रविवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में देश-विदेश के 9,800 से अधिक धावकों ने हिस्सा लेकर क्षेत्र की बदलती फिजा का प्रमाण दिया। दशकों तक संघर्ष और अशांति के लिए जाने जाने वाले बस्तर की सड़कों पर अब एथलीटों के कदम विकास की नई कहानी लिख रहे हैं।

लालबाग से चित्रकूट तक का सफर: यह मैराथन जगदलपुर शहर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध और सुरम्य चित्रकोट जलप्रपात (Mini Niagara of India) के पास जाकर समाप्त हुई। धावकों ने दौड़ के दौरान बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया।

सरकार का प्रोत्साहन और 'बस्तर श्रेणी': राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण सिंह देव ने इस आयोजन को बस्तर की समृद्धि का नया अध्याय बताया। प्रशासन ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ₹25 लाख की कुल पुरस्कार राशि की घोषणा की। स्थानीय युवाओं के लिए एक विशेष ‘बस्तर श्रेणी’ शुरू की गई थी, जिसमें निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा दी गई ताकि ग्रामीण अंचलों के धावक भी अंतरराष्ट्रीय एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।

बदलता बस्तर: वन मंत्री कश्यप ने जोर देकर कहा कि अब बस्तर केवल 'अबूझमाड़ हाफ मैराथन' तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसरों का केंद्र बन चुका है। यहां के युवा अब बंदूक छोड़कर खेल के मैदान और प्रतियोगी परीक्षाओं में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

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