छत्तीसगढ़ में अब घर-जमीन की रजिस्ट्री होगी सस्ती: विधानसभा में 'उपकार संशोधन विधेयक 2026' पारित; 3 करोड़ जनता को ₹150 करोड़ की राहत

छत्तीसगढ़ में अब घर-जमीन की रजिस्ट्री होगी सस्ती: विधानसभा में 'उपकार संशोधन विधेयक 2026' पारित; 3 करोड़ जनता को ₹150 करोड़ की राहत

12, 2, 2026

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रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन साय सरकार ने प्रदेशवासियों को एक बड़ी सौगात दी है। सदन में 'छत्तीसगढ़ उपकार (संशोधन) विधेयक 2026' को विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही अब जमीन और मकान की रजिस्ट्री पर लगने वाला 12% अतिरिक्त उपकार (Cess) पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

राजीव गांधी युवा मितान क्लब से जुड़ा था सेस: गौरतलब है कि यह उपकार पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा राजीव गांधी युवा मितान क्लब योजना के वित्तीय पोषण के लिए लगाया गया था। वर्तमान सरकार के इस संशोधन के बाद प्रदेश की लगभग 3 करोड़ जनता को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस उपकार के हटने से आम नागरिकों की जेब में सालाना लगभग 147 से 150 करोड़ रुपये की बचत होगी, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सदन में तीखी बहस और भ्रष्टाचार के आरोप: विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने पूर्ववर्ती सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस योजना (युवा मितान क्लब) के नाम पर जनता से टैक्स वसूला गया, उसका न तो विधिवत पंजीयन था और न ही कभी ऑडिट कराया गया। चंद्राकर ने सदन में मांग की कि बिना पारदर्शिता के बांटे गए ₹52 करोड़ की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों से इस राशि की वसूली की जाए।

आम नागरिकों को क्या होगा फायदा? इस कानून के लागू होते ही स्टांप शुल्क के साथ लगने वाला अतिरिक्त अधिभार हट जाएगा। अब मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने घर का सपना देखना और संपत्तियों का हस्तांतरण करना पहले की तुलना में काफी सस्ता और सुगम हो जाएगा।

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