भोपाल में गूंजे 'सफलता के मंत्र': मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UPSC के नवनियुक्त अधिकारियों को दी सीख; बोले— "ठहराव नहीं, निरंतर प्रगति ही असली उत्तरदायित्व"

भोपाल में गूंजे 'सफलता के मंत्र': मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UPSC के नवनियुक्त अधिकारियों को दी सीख; बोले— "ठहराव नहीं, निरंतर प्रगति ही असली उत्तरदायित्व"

12, 2, 2026

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मध्य प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं के लिए 23 मार्च 2026 की तारीख प्रेरणा का एक नया अध्याय लेकर आई। राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित विशेष कार्यक्रम 'सफलता के मंत्र' में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC-2025) में चयनित प्रदेश के अभ्यर्थियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल इन युवा अधिकारियों का मान बढ़ाया, बल्कि उन्हें लोक सेवा की गंभीर चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया।

अधिकारी बनने के बाद रुकना नहीं है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में एक विशेष संदेश देते हुए कहा कि चयन केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। उन्होंने कहा— "अधिकारी बनने के बाद जीवन में ठहराव स्वीकार न करें, बल्कि उससे आगे निकलकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने का प्रयास करें।" उन्होंने युवाओं को उत्तरदायित्व की नई परिभाषा समझाते हुए कहा कि प्रशासन में रहकर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही उनकी वास्तविक विजय होगी।

सफलता की कहानियां और प्रेरणा: कार्यक्रम के दौरान चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक सफलता की कहानियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतरता और धैर्य के साथ इस कठिन परीक्षा को पार किया जा सकता है। कार्यक्रम के अन्य मुख्य आकर्षण रहे:

  • शॉर्ट फिल्म: चयनित अभ्यर्थियों के जीवन और उनकी मेहनत पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई।

  • पत्रिका का अनावरण: मुख्यमंत्री ने 'प्रतिभाओं का वर्जन' नामक पत्रिका का विमोचन किया, जिसमें इन सफल युवाओं के अनुभव संकलित हैं।

  • सीधा संवाद: अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपनी भविष्य की योजनाओं और प्रदेश के विकास में अपने योगदान पर चर्चा की।

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