शीर्षक: बलौदाबाजार से गूंजेगा 'न्याय का शंखनाद': 25 मार्च को 5 लाख परिवारों के खाते में आएंगे ₹10-10 हजार; बैगा-गुनिया परिवारों को भी बड़ी सौगात

शीर्षक: बलौदाबाजार से गूंजेगा 'न्याय का शंखनाद': 25 मार्च को 5 लाख परिवारों के खाते में आएंगे ₹10-10 हजार; बैगा-गुनिया परिवारों को भी बड़ी सौगात

12, 2, 2026

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छत्तीसगढ़ के भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 25 मार्च 2026 की तारीख बेहद खास होने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बलौदाबाजार जिले में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के 4,95,965 भूमिहीन हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे ₹10,000 की वार्षिक सहायता राशि अंतरित करेंगे। राज्य सरकार ने इस साल इस वितरण के लिए कुल 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।

सांस्कृतिक विरासत के रक्षकों का सम्मान: इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को भी शामिल किया गया है। ये वे परिवार हैं जो सदियों से हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं। सरकार का यह कदम उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी निस्वार्थ सेवा को आर्थिक संबल प्रदान करने का एक प्रयास है।

बढ़ी हुई राशि से आर्थिक मजबूती: पूर्ववर्ती व्यवस्था में मिलने वाली ₹7,000 की राशि को बढ़ाकर अब ₹10,000 प्रति वर्ष कर दिया गया है। यह राशि उन ग्रामीण मजदूरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनकी आय का एकमात्र स्रोत मजदूरी है। इससे वे कर्ज के जाल में फंसे बिना अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार का स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकेंगे।

आंकड़ों में सरकार की प्रतिबद्धता:

  • वर्ष 2026 का लक्ष्य: 4,95,965 हितग्राही (कुल ₹495.96 करोड़)।

  • वर्ष 2025 का रिकॉर्ड: 5,62,112 हितग्राहियों को ₹562.11 करोड़ की सहायता दी गई थी।

  • प्रमुख लाभार्थी: भूमिहीन कृषि मजदूर, चरवाहे, लोहार, कुम्हार और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े ग्रामीण।

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