रायपुर में ₹2.34 करोड़ की 'महाठगी': फर्जी MBBS डिग्री और पोस्ट ऑफिस में नौकरी के नाम पर खेल; मास्टरमाइंड 'साक्षी' दिल्ली से गिरफ्तार

रायपुर में ₹2.34 करोड़ की 'महाठगी': फर्जी MBBS डिग्री और पोस्ट ऑफिस में नौकरी के नाम पर खेल; मास्टरमाइंड 'साक्षी' दिल्ली से गिरफ्तार

12, 2, 2026

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रायपुर की सिविल लाइन पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में फरार चल रही आरोपी साक्षी सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। साक्षी और उसके गिरोह पर पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगाने और पुणे की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की फर्जी एमबीबीएस (MBBS)बीएएमएस (BAMS) डिग्रियां बेचने के नाम पर कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी का आरोप है।

कैसे खुला राज? इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी संजय निराला ने 17 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई। संजय और उनके रिश्तेदारों को झांसा दिया गया था कि उन्हें पोस्ट ऑफिस के विभिन्न पदों पर भर्ती करा दिया जाएगा। इसके एवज में आरोपियों ने करोड़ों रुपये वसूल लिए, लेकिन जब न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए, तब ठगी का एहसास हुआ।

डिग्री का 'फेक' नेटवर्क: गिरफ्तारी के बाद साक्षी सिंह ने कबूल किया कि उसने पुणे की डी.वाई. पाटिल विद्यापीठ यूनिवर्सिटी की फर्जी मेडिकल डिग्रियां तैयार की थीं। यह न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि फर्जी डॉक्टरों को समाज में उतारने की एक गंभीर आपराधिक साजिश भी थी। पुलिस ने साक्षी के पास से 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें कई और फर्जी डिग्रियों और पीड़ितों के डेटा होने का संदेह है।

पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (318(4), 335, 111 आदि) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरोह के चार सदस्य (भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे) पहले ही जेल की सलाखों के पीछे हैं। साक्षी की गिरफ्तारी से अब इस रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य कड़ियों तक पहुँचना आसान होगा।


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