बिलासपुर हवाई सेवा पर 'ग्रहण': नाइट लैंडिंग के बाद भी उड़ानों में कटौती; किराया दोगुना और कनेक्टिविटी के नाम पर सिर्फ 'इंतजार'
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बिलासपुर हवाई सेवा पर 'ग्रहण': नाइट लैंडिंग के बाद भी उड़ानों में कटौती; किराया दोगुना और कनेक्टिविटी के नाम पर सिर्फ 'इंतजार'

12, 2, 2026

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बिलासपुर के हवाई यात्रियों के लिए अलायंस एयर का नया समर शेड्यूल किसी झटके से कम नहीं है। लंबे संघर्ष और नाइट लैंडिंग के सफल परीक्षण के बाद न्यायधानी के लोगों को उम्मीद थी कि अब दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों के लिए सीधी और सुविधाजनक उड़ानें मिलेंगी। लेकिन हकीकत इसके उलट निकली—न केवल उड़ानें कम कर दी गईं, बल्कि सफर को और अधिक महंगा और समय लेने वाला बना दिया गया है।

शेड्यूल की प्रमुख खामियां और झटके:

  1. सीधी उड़ानों का अंत: बिलासपुर से जबलपुर और हैदराबाद की उड़ानें पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। अब यात्रियों को इन शहरों के लिए रायपुर का रुख करना पड़ेगा।

  2. समय और रूट की जटिलता: अब अधिकांश उड़ानों को अंबिकापुर से कनेक्ट कर दिया गया है। यानी दिल्ली या कोलकाता जाने के लिए यात्रियों को अब पहले से कहीं ज्यादा समय हवा में बिताना होगा।

  3. किराये में 'आसमानी' उछाल: दिल्ली, प्रयागराज और कोलकाता का बेस फेयर दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। मध्यमवर्गीय यात्रियों के लिए अब हवाई सफर पहुंच से बाहर होता जा रहा है।

  4. नाइट लैंडिंग का शून्य लाभ: तकनीकी रूप से सक्षम होने के बावजूद देर रात या अलसुबह की किसी भी नई उड़ान को शेड्यूल में जगह नहीं मिली है।

प्रशासनिक चिंता और भविष्य का संकट: कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विमानन कंपनी की इस 'मनमानी' का सीधा असर यात्रियों की संख्या (Footfall) पर पड़ेगा। यदि यात्रियों की संख्या कम होती है, तो भविष्य में सरकार घाटे का हवाला देकर इस हवाई सेवा को पूरी तरह बंद भी कर सकती है, जो बिलासपुर के लिए एक बड़ा सेटबैक होगा।

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