कोरबा में 'करंट' का काल: मादा भालू और दो शावकों की तड़पकर मौत; बिना अनुमति बिछाई गई 11 KV लाइन ने ली वन्यजीवों की जान

कोरबा में 'करंट' का काल: मादा भालू और दो शावकों की तड़पकर मौत; बिना अनुमति बिछाई गई 11 KV लाइन ने ली वन्यजीवों की जान

12, 2, 2026

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कोरबा जिले के केंदई वन परिक्षेत्र में गुरुवार, 26 मार्च 2026 को एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ विचरण कर रही थी। इसी दौरान वे जमीन के करीब लटक रहे 11 KV की हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के संपर्क में आ गए। करंट इतना शक्तिशाली था कि तीनों बेजुबान जानवरों की मौके पर ही मौत हो गई। शुक्रवार सुबह वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर शवों को बरामद किया।

प्रशासनिक लापरवाही और नियमों का उल्लंघन: प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:

  • वन अधिनियम का उल्लंघन: आरोप है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड ने यह लाइन वन (संरक्षण) अधिनियम-1980 का उल्लंघन करते हुए बिना पूर्व अनुमति के बिछाई थी।

  • रखरखाव में कमी: क्षेत्र में आए आंधी-तूफान के कारण तार झुककर खंभे के संपर्क में आ गया था, जिसे ठीक नहीं किया गया। यही लापरवाही भालू परिवार के लिए काल बन गई।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग: केंदई के वन परिक्षेत्र अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कटघोरा के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) को पत्र लिखा है। पत्र में स्पष्ट रूप से बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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