नेपाल संकट: पूर्व PM के.पी. शर्मा ओली की न्यायिक हिरासत 2 दिन और बढ़ी; 'जेन जेड' प्रदर्शनों में हुई मौतों का मामला
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नेपाल संकट: पूर्व PM के.पी. शर्मा ओली की न्यायिक हिरासत 2 दिन और बढ़ी; 'जेन जेड' प्रदर्शनों में हुई मौतों का मामला

12, 2, 2026

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काठमांडू (2 अप्रैल 2026): काठमांडू जिला अदालत ने बुधवार को पुलिस के अनुरोध पर पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की हिरासत अवधि दो दिनों के लिए और बढ़ा दी है। नेपाल पुलिस अब इन दोनों दिग्गज नेताओं से 'जेन जेड' (Gen Z) आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के संबंध में गहन पूछताछ करेगी।

मामले की मुख्य बातें:

  • गिरफ्तारी की तारीख: दोनों नेताओं को 28 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

  • आरोप: पिछले साल नेपाल में युवाओं (Gen Z) द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने का आरोप है। इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और हिंसा में 76 लोगों की मौत हो गई थी।

  • न्यायिक प्रक्रिया: काठमांडू जिला पुलिस सर्कल के प्रवक्ता पवन भट्टराई के अनुसार, पुलिस को जांच पूरी करने के लिए और समय चाहिए था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।


'जेन जेड' (Gen Z) विरोध प्रदर्शन क्या था?

पिछले साल नेपाल की सड़कों पर उतरा यह आंदोलन आधुनिक नेपाल के सबसे बड़े नागरिक विद्रोहों में से एक माना जाता है:

  1. मुद्दा: शासन में पारदर्शिता, आर्थिक सुधार और राजनीतिक जवाबदेही की मांग को लेकर युवा पीढ़ी सड़कों पर उतरी थी।

  2. दमन का आरोप: तत्कालीन ओली सरकार पर आरोप है कि उसने प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया, जिससे भारी संख्या में जनहानि हुई।

  3. राजनीतिक परिणाम: इसी हिंसा और जनाक्रोश के कारण अंततः ओली को सत्ता से हटना पड़ा (अपदस्थ होना पड़ा)।


निष्कर्ष और प्रभाव:

के.पी. शर्मा ओली की गिरफ्तारी न केवल उनकी पार्टी (CPN-UML) के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह नेपाल की वर्तमान सरकार द्वारा "अतीत के अपराधों के लिए जवाबदेही" तय करने के कड़े रुख को भी दर्शाता है। ओली के समर्थकों ने इसे "राजनीतिक प्रतिशोध" बताया है, जबकि मानवाधिकार संगठन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

अगले दो दिनों की पूछताछ इस मामले में नए साक्ष्य सामने ला सकती है, जो नेपाल की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

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