मालदा अपडेट: 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव मामले में ISF उम्मीदवार शाहजहां अली समेत 17 गिरफ्तार
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मालदा अपडेट: 7 न्यायिक अधिकारियों के घेराव मामले में ISF उम्मीदवार शाहजहां अली समेत 17 गिरफ्तार

12, 2, 2026

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कोलकाता/मालदा (2 अप्रैल 2026): मालदा के मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र में बुधवार रात हुई इस घटना ने प्रशासन को हिला कर रख दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और आईएसएफ उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली को 16 अन्य साथियों के साथ दबोच लिया है।

1. घटना का विवरण: 7.5 घंटे का बंधक संकट

  • स्थान: कलियाचक द्वितीय ब्लॉक (BDO) कार्यालय, मोथाबारी।

  • पीड़ित: मतदाता सूची (Voter List) के कार्य में लगे सात न्यायिक अधिकारी, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं।

  • वजह: प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मतदाता सूची से जानबूझकर कुछ नाम हटाए जा रहे हैं। इसी विरोध में अधिकारियों का साढ़े सात घंटे से अधिक समय तक घेराव किया गया, जिससे सरकारी कार्य पूरी तरह ठप हो गया।

2. पुलिस की कार्रवाई और अदालती आदेश:

  • गिरफ्तारी: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों और चश्मदीदों के आधार पर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

  • रिमांड: जिला अदालत ने सभी आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि इस 'साजिश' की गहराई से जांच की जा सके।

  • पुख्ता सबूत: पुलिस का दावा है कि उनके पास घेराव में शाहजहां अली की संलिप्तता के तकनीकी और पुख्ता सबूत मौजूद हैं।


3. 'राजनीतिक साजिश' बनाम 'प्रशासनिक कर्तव्य'

पक्षतर्क / स्टैंड
पुलिस/प्रशासनन्यायिक अधिकारियों को डराना और बंधक बनाना संगीन अपराध है। चुनावी ड्यूटी में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शाहजहां अली (ISF)"मुझे झूठा फंसाया गया है। मैं उस समय एक धार्मिक कार्यक्रम में था। यह मेरी बढ़ती लोकप्रियता को रोकने की साजिश है।"

निष्कर्ष और चुनावी प्रभाव:

मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में आईएसएफ का बढ़ता प्रभाव तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा दोनों के लिए चिंता का विषय रहा है। इस गिरफ्तारी के बाद आईएसएफ समर्थकों में रोष है, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (Revision) कार्य में किसी भी तरह की हिंसा या दबाव डालने वालों के खिलाफ सख्त 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई जाएगी।

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