सेंट्रल विस्टा अपडेट: प्रतिरोपित किए गए 43% पेड़ सूखे; वृक्षारोपण बजट में 10 गुना वृद्धि
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सेंट्रल विस्टा अपडेट: प्रतिरोपित किए गए 43% पेड़ सूखे; वृक्षारोपण बजट में 10 गुना वृद्धि

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली (2 अप्रैल 2026): तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के एक सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि वैज्ञानिक पद्धतियों के बावजूद बड़ी संख्या में पेड़ जीवित नहीं रह सके।

1. पेड़ों के सूखने का सांख्यिकीय विवरण:

परियोजना के विभिन्न चरणों में दिल्ली के दिल से पेड़ों को हटाकर अन्य स्थानों पर लगाया गया था:

विवरणआंकड़े
कुल प्रतिरोपित (Transplanted) पेड़3,609
सूख गए पेड़ों की संख्या1,545 (लगभग 42.8%)
जीवित बचे पेड़2,064

2. कहाँ-कहाँ स्थानांतरित किए गए पेड़?

सरकार ने पेड़ों को स्थानांतरित करने के लिए दिल्ली के कई प्रमुख क्षेत्रों का चयन किया था:

  • नया संसद भवन स्थल: 402 पेड़ों को बदरपुर NTPC इको पार्क और संसद परिसर में ही शिफ्ट किया गया।

  • साझा केंद्रीय सचिवालय (CCS): सबसे अधिक 1,734 पेड़ NTPC इको पार्क भेजे गए।

  • उपराष्ट्रपति एन्क्लेव: 390 पेड़ों को परिसर के भीतर और इको पार्क में लगाया गया।

  • एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव: 143 पेड़ों को घिटोरनी स्थानांतरित किया गया।


3. वृक्षारोपण और रख-रखाव पर बढ़ता खर्च:

पेड़ों के सूखने की दर को कम करने और नए वृक्षारोपण के लिए सरकार ने बजट में भारी बढ़ोतरी की है:

वित्तीय वर्षखर्च / आवंटन (लाख रुपये में)
2023-2435.86
2024-25122.92
2025-26370.30 (प्रस्तावित)

नोट: पिछले दो वर्षों में इस मद में खर्च लगभग 10 गुना बढ़ गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती लागत को दर्शाता है।


निष्कर्ष और चुनौतियां:

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली की भीषण गर्मी और मिट्टी की स्थिति के कारण बड़े पेड़ों का 'ट्रांसप्लांटेशन' (एक जगह से उखाड़कर दूसरी जगह लगाना) हमेशा जोखिम भरा होता है। हालांकि सरकार ने बजट बढ़ाकर सूखे पेड़ों की जगह नए पौधे लगाने और जीवित पेड़ों की देखभाल के लिए संसाधनों में वृद्धि की है, लेकिन 43% की 'मृत्यु दर' (Mortality Rate) पर्यावरणविदों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

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