मिशन कर्मयोगी: अब ऑनलाइन कोर्स पूरा करना अनिवार्य; कर्मचारियों की 'प्रगति रिपोर्ट' में दर्ज होगा ब्योरा
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मिशन कर्मयोगी: अब ऑनलाइन कोर्स पूरा करना अनिवार्य; कर्मचारियों की 'प्रगति रिपोर्ट' में दर्ज होगा ब्योरा

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली (2 अप्रैल 2026): सरकार ने अब "योग्यता-आधारित" (Competency-based) दृष्टिकोण अपना लिया है, जिसका अर्थ है कि कर्मचारी को उसकी विशिष्ट भूमिका (Role) के अनुसार कौशल हासिल करना होगा।

1. iGOT कर्मयोगी पोर्टल की भूमिका:

  • अनिवार्य प्रशिक्षण: सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS, IFS) के अधिकारियों के लिए iGOT (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) पोर्टल पर निर्धारित पाठ्यक्रम पूरे करना अब अनिवार्य है।

  • भूमिका-आधारित शिक्षा: यह केवल सामान्य प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि कर्मचारी के पद और जिम्मेदारियों (Level/Role) के अनुसार विशेष रूप से तैयार किए गए कोर्स हैं।

  • निर्धारण: संबंधित मंत्रालय, विभाग या कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी (CCA) यह तय करेंगे कि किस स्तर के अधिकारी को कौन सा कोर्स करना है।


2. APAR (वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट) से जुड़ाव:

यह इस नई नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है:

  • अनिवार्य प्रविष्टि: कर्मचारी ने साल भर में कौन से कोर्स पूरे किए और उनका मूल्यांकन (Assessment) कैसा रहा, इसका स्पष्ट उल्लेख उनकी एपीएआर (APAR) में किया जाएगा।

  • पदोन्नति पर प्रभाव: चूँकि एपीएआर ही पदोन्नति और वेतन वृद्धि का आधार होती है, इसलिए अब ऑनलाइन लर्निंग को नजरअंदाज करना कर्मचारियों के करियर के लिए नुकसानदेह हो सकता है।


3. 'मिशन कर्मयोगी' का उद्देश्य:

सरकार इस पहल के जरिए प्रशासनिक सेवा में निम्नलिखित सुधार चाहती है:

  • निरंतर कौशल विकास: ट्रेनिंग केवल सेवा की शुरुआत में न होकर, पूरे करियर के दौरान चलती रहनी चाहिए।

  • दक्षता: कर्मचारियों को नई तकनीकों, सरकारी नीतियों और जनसेवा के आधुनिक तरीकों से अपडेट रखना।

  • जवाबदेही: सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए विशेषज्ञों की तरह काम करने की क्षमता विकसित करना।


निष्कर्ष:

यह कदम भारतीय नौकरशाही के 'कार्य-संस्कृति' में एक बड़े बदलाव का संकेत है। अब "सीखते रहना" सरकारी नौकरी का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इससे न केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होने की उम्मीद है।

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