अमित शाह का '15-दिवसीय' बंगाल प्लान: TMC का तीखा पलटवार
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अमित शाह का '15-दिवसीय' बंगाल प्लान: TMC का तीखा पलटवार

12, 2, 2026

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कोलकाता (2 अप्रैल 2026): भाजपा के चुनावी अभियान को गति देने के लिए अमित शाह ने घोषणा की है कि वे मतदान से पहले दो सप्ताह तक बंगाल में ही डेरा डालेंगे। इस पर टीएमसी ने सोशल मीडिया पर 'स्वागत' और 'व्यंग्य' का मिला-जुला रुख अपनाया।

1. "बंगाल के व्यंजनों का लुत्फ उठाएं"

तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा:

  • पर्यटक का दर्जा: टीएमसी ने शाह को एक "पर्यटक" के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल हमेशा मेहमानों का खुले दिल से स्वागत करता है।

  • भोजन पर तंज: पार्टी ने शाह को सलाह दी कि वे अपने प्रवास के दौरान बंगाल के विशिष्ट मांसाहारी व्यंजनों (जैसे माछ-भात या कोशा मांगशो) का आनंद लेना न भूलें।

  • सांस्कृतिक हमला: यह कटाक्ष भाजपा की 'शाकाहार' समर्थक छवि और बंगाल की खान-पान की संस्कृति (Food Culture) के बीच के अंतर को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश है।


2. भवानीपुर में 'शक्ति प्रदर्शन' और शुभेंदु का नामांकन:

यह वाकयुद्ध तब शुरू हुआ जब अमित शाह, शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान मौजूद थे:

  • भवानीपुर की चुनौती: भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर से चुनावी मैदान में उतारा है।

  • शाह की घोषणा: शाह ने भवानीपुर में कहा कि ममता बनर्जी को उनके ही घर में हराना बंगाल में सत्ता परिवर्तन का सबसे छोटा रास्ता (Short-cut) होगा।

  • डबल सीट: उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी इस बार दो सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव लड़ रहे हैं।


3. पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: मुख्य कार्यक्रम

महत्वपूर्ण चरणतिथि
प्रथम चरण (152 सीटें)23 अप्रैल 2026
द्वितीय चरण (142 सीटें)29 अप्रैल 2026
मतगणना (Result)4 मई 2026

निष्कर्ष:

अमित शाह का 15 दिन बंगाल में रुकना यह दर्शाता है कि भाजपा इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। वहीं, टीएमसी इसे "पर्यटन" बताकर यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बाहरी नेता बंगाल की संस्कृति और राजनीति को केवल कुछ दिनों में नहीं समझ सकते। भोजन और संस्कृति पर आधारित यह बहस आने वाले दिनों में और भी गरमाने की उम्मीद है

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