साधना सप्ताह 2026: 'कभी भी-कहीं भी' सीखने की प्रणाली से लैस होंगे 1.5 करोड़ सरकारी कर्मचारी
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साधना सप्ताह 2026: 'कभी भी-कहीं भी' सीखने की प्रणाली से लैस होंगे 1.5 करोड़ सरकारी कर्मचारी

12, 2, 2026

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नयी दिल्ली (2 अप्रैल 2026): क्षमता विकास आयोग (CBC) द्वारा 2 से 8 अप्रैल तक आयोजित 'साधना' (SADHNA) सप्ताह का उद्देश्य राष्ट्रीय उन्नति के लिए मानवीय योग्यता और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूत करना है।

1. शासन के सामने नई चुनौतियां (पी.के. मिश्रा का संबोधन):

प्रधान सचिव ने प्रशासन के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों में नई दक्षताओं (Skills) की आवश्यकता पर जोर दिया:

  • तकनीकी बदलाव: एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स जैसी उभरती तकनीकों को अपनाना।

  • जलवायु परिवर्तन: पर्यावरणीय संकटों के प्रबंधन की समझ।

  • शहरीकरण: तेजी से बढ़ते शहरों की जटिल समस्याओं का समाधान।

  • वैश्विक अनिश्चितता: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती परिस्थितियों के प्रति सजगता।

2. मिशन कर्मयोगी: 'डिजिटल क्रांति' के आंकड़े (रचना शाह द्वारा प्रस्तुत):

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव ने पिछले 5 वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं:

  • विशाल नेटवर्क: ‘iGOT’ प्लेटफॉर्म पर अब 1.5 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी पंजीकृत हैं।

  • पाठ्यक्रमों की बाढ़: 8 करोड़ से अधिक कोर्स पूरे किए जा चुके हैं और 4,600 से अधिक पाठ्यक्रम विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध हैं।

  • एकीकरण: अब सीखने की प्रक्रिया को कार्य मूल्यांकन (Performance Evaluation) के साथ सीधे जोड़ दिया गया है।


3. साधना सप्ताह (SADHNA) के मुख्य स्तंभ:

अधिकारी/संस्थाप्रमुख विचार
पी.के. मिश्रादक्षता विकास अब 'नियम-आधारित' से बदलकर 'भूमिका-आधारित' (Role-based) हो गया है।
एस. राधा चौहान (CBC)'कर्मयोगी' वह है जो अपने विवेक को कर्म के साथ जोड़ता है और सहानुभूतिपूर्ण शासन देता है।
सुब्रमण्यम रामादोराईआधुनिक शासन सभ्यतागत ज्ञान और नागरिक-केंद्रित परिणामों पर आधारित होना चाहिए।

4. 'साधना' का पूर्ण रूप (Full Form):

SADHNA: Strategic Advancement of Development and Humanability for National Advancement

(राष्ट्रीय उन्नति के लिए अनुकूल विकास और मानवीय योग्यता को मजबूत करना)।

निष्कर्ष:

'साधना सप्ताह' केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय नौकरशाही की मानसिकता (Mindset) बदलने का एक अभियान है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसी 'स्मार्ट और उत्तरदायी' सिविल सेवा तैयार करना है जो आम नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ हल कर सके। 130 से अधिक विशेष 'दक्षता विकास योजनाओं' के माध्यम से अब क्लर्क से लेकर सचिव स्तर तक के अधिकारियों के लिए निरंतर सीखना अनिवार्य बना दिया गया है।

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