ममता बनर्जी का मालदा संबोधन: "कांग्रेस की कमजोरी से 2024 में भाजपा को मिली सत्ता"
आज की ताजा खबर
LIVE

ममता बनर्जी का मालदा संबोधन: "कांग्रेस की कमजोरी से 2024 में भाजपा को मिली सत्ता"

12, 2, 2026

1

image

वैष्णव नगर, मालदा (2 अप्रैल 2026): मुख्यमंत्री ने मालदा को कांग्रेस का "पारंपरिक गढ़" बताते हुए वहां के मतदाताओं को कांग्रेस और माकपा के गठबंधन के प्रति आगाह किया।

1. 2024 के लोकसभा चुनाव पर टिप्पणी:

ममता बनर्जी ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की जीत का मुख्य कारण कांग्रेस की सांगठनिक कमजोरी थी:

  • विफलता का आरोप: "अगर कांग्रेस पार्टी मजबूत होती, तो भाजपा 2024 में दोबारा सत्ता में नहीं आती।"

  • बंगाल का मार्ग: उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में दिल्ली की सत्ता को चुनौती देने का रास्ता बंगाल से ही होकर गुजरेगा।

2. 'त्रिकोणीय' गठबंधन का आरोप (TMC vs All):

ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल में कांग्रेस, माकपा और भाजपा के बीच एक "गुप्त समझौता" है:

  • ** syndicate of complaints:** उन्होंने कहा कि ये तीनों दल अब एक साथ मिल गए हैं।

  • चुनावी पक्षी: उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वे पूरे साल गायब रहते हैं और चुनाव आते ही "प्रवासी पक्षियों" की तरह वोट मांगने आ जाते हैं।

  • असहनीय पीड़ा: मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उन्हें कांग्रेस छोड़नी पड़ी क्योंकि माकपा के साथ कांग्रेस के पुराने तालमेल ने उन्हें बहुत पीड़ा पहुँचाई थी।


3. 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की जटिलता:

राष्ट्रीय स्तर पर TMC और कांग्रेस 'इंडिया' गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन बंगाल चुनाव 2026 में स्थिति विपरीत है:

  • अलग रास्ते: ममता ने स्पष्ट किया कि बंगाल की लड़ाई में वे अकेले भाजपा, कांग्रेस और माकपा के गठबंधन से लड़ रही हैं।

  • क्षेत्रीय अस्मिता: उन्होंने भाजपा पर बंगाल को "नीचा दिखाने" का आरोप लगाया और कहा कि बाहरी ताकतों को राज्य की संस्कृति को नष्ट करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


4. विधानसभा चुनाव 2026 का संदर्भ:

बिंदुविवरण
मतदान की तिथि23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 (दो चरणों में)
मुख्य मुद्दालक्ष्मीर भंडार (Lakshmir Bhandar) बनाम भाजपा का विकास मॉडल।
रणनीतिक महत्वमालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाना TMC के लिए अनिवार्य है।

निष्कर्ष:

ममता बनर्जी का यह भाषण स्पष्ट संदेश देता है कि वे 2026 के विधानसभा चुनाव को 'ममता बनाम मोदी' के साथ-साथ 'TMC बनाम अन्य सभी' की लड़ाई के रूप में पेश कर रही हैं। मालदा में उनका यह आक्रामक रुख उन अल्पसंख्यक और ग्रामीण वोटों को एकजुट करने की कोशिश है, जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस के पक्ष में रहे हैं।

Powered by Froala Editor