ओडिशा जेल ऑडिट: CAG रिपोर्ट में सुरक्षा की पोल खुली; 65% सुरक्षाकर्मियों की कमी और कैदियों का फरार होना
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ओडिशा जेल ऑडिट: CAG रिपोर्ट में सुरक्षा की पोल खुली; 65% सुरक्षाकर्मियों की कमी और कैदियों का फरार होना

12, 2, 2026

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भुवनेश्वर (2 अप्रैल 2026): जून 2023 से फरवरी 2024 के बीच किए गए इस ऑडिट में 2020-21 से 2022-23 की अवधि के जेल प्रबंधन की समीक्षा की गई है।

1. सुरक्षाकर्मियों का भारी संकट (Staff Crunch):

ओडिशा मॉडल जेल मैनुअल-2020 के मानकों और जमीनी हकीकत के बीच एक बड़ी खाई देखने को मिली है:

  • मानक: प्रत्येक 6 कैदियों पर 1 गार्ड होना अनिवार्य है (तीनों शिफ्टों में)।

  • जरूरत बनाम उपलब्धता: 21,058 कैदियों के लिए 3,515 गार्ड्स की आवश्यकता है, लेकिन सरकार ने केवल 1,680 पद ही स्वीकृत किए हैं।

  • वास्तविक स्थिति: मार्च 2023 तक स्वीकृत पदों के मुकाबले भी केवल 1,282 कर्मचारी ही तैनात थे।

  • निष्कर्ष: मानदंडों के मुकाबले राज्य की जेलों में 65.53% सुरक्षाकर्मियों की कमी है, जो एक शिफ्ट के संचालन के लिए भी पर्याप्त नहीं है।


2. सुरक्षा उपकरणों और तकनीक का अभाव:

ऑडिट के लिए चुनी गई 15 जेलों के निरीक्षण में पाया गया कि:

  • निष्क्रिय उपकरण: आधुनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरण या तो उपलब्ध ही नहीं थे, या जो थे वे खराब (Non-functional) हालत में मिले।

  • प्रशासनिक बाधा: पर्याप्त जनशक्ति और उपकरणों के बिना जेलों के भीतर कैदियों के कल्याण और सुरक्षित हिरासत (Custody) सुनिश्चित करना असंभव हो गया है।


3. कैदियों का फरार होना (Prison Breaks):

सुरक्षा में सेंध का सबसे बड़ा प्रमाण कैदियों के भागने की घटनाओं से मिलता है:

  • आंकड़े: 2020 से 2023 के बीच विभिन्न जेलों से 29 कैदी फरार हुए।

  • चिंताजनक: फरार हुए 29 कैदियों में से 12 का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं।


4. CAG की प्रमुख टिप्पणियाँ:

श्रेणीऑडिट निष्कर्ष
अनुपालन (Compliance)ओडिशा मॉडल जेल मैनुअल-2020 के सुरक्षा मानकों का उल्लंघन।
प्रबंधनस्वीकृत पदों की संख्या वास्तविक आवश्यकता से 50% से भी कम।
परिणामजेलों के सुचारू संचालन और कैदियों के सुधार कार्यक्रमों (Rehabilitation) पर प्रतिकूल प्रभाव।

निष्कर्ष:

कैग की यह रिपोर्ट ओडिशा सरकार के लिए एक 'वेक-अप कॉल' है। जेलों के भीतर मोबाइल फोन का मिलना, नशीले पदार्थों की तस्करी और अब सुरक्षाकर्मियों की भारी कमी के कारण कैदियों का फरार होना, राज्य की गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। कैग ने रिक्त पदों को तुरंत भरने और सुरक्षा बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की सिफारिश की है।

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